शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संगठित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए शिक्षा विभाग ने त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था लागू करने पर सहमति जताई है। हाल ही में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के साथ हुई बैठक में इस व्यवस्था के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया। अब इसे शासन को भेजा जाएगा ताकि इस पर औपचारिक मुहर लग सके। संगठन का कहना है कि इस कदम से विभागीय संरचना को बेहतर दिशा मिलेगी।
बैठक में शिक्षक संघ की 21 सूत्रीय मांगों पर भी चर्चा की गई, जिसमें प्रमुख मुद्दा यह था कि त्रिस्तरीय कैडर प्रणाली लागू करने से पहले सभी शिक्षक संगठनों को भरोसे में लिया जाए। यह मांग शिक्षकों की भागीदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए उठाई गई। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि इस बदलाव से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय को महत्व दिया जाएगा।
बैठक में अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई गईं, जैसे समग्र शिक्षा के तहत कार्यरत शिक्षकों को समय पर वेतन देना, ओपीडी जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदान करना, 17140 वेतनमान से जुड़े विवादों का निपटारा करना और शिक्षकों से की जा रही वसूली को तत्काल रोकना। इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लिया गया और इन पर कार्रवाई के संकेत दिए गए।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थापा ने बताया कि बैठक के दौरान यह तय किया गया कि जो मामले शासन स्तर के हैं, उन्हें शासन को भेजा जाएगा, जबकि शिक्षा महानिदेशालय से संबंधित विषयों का निपटारा उसी स्तर पर किया जाएगा। यह निर्णय आने वाले समय में शिक्षा विभाग की नीतियों को अधिक मजबूत और शिक्षक हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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