देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की अहम बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक सुबह 11:00 बजे से प्रारंभ हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, सतपाल महाराज और धन सिंह रावत सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री उपस्थित हैं। बैठक को प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंचायत चुनाव से पहले बड़ा फैसला संभव, प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ सकता है
बैठक में आगामी संभावित पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में सरकार उनके कार्यकाल को छह माह की बजाय एक वर्ष तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। यह निर्णय राज्य में पंचायत व्यवस्था की स्थिरता और प्रशासनिक संचालन के लिए अहम माना जा रहा है।
खेल, शिक्षा, युवाओं और महिलाओं से जुड़े प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
मंत्रिमंडल की इस बैठक में राज्य सरकार कई अहम नीतिगत प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है। इनमें प्रमुख हैं:
खेल सुविधाओं का विस्तार: प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 आधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना के लिए लेगेसी प्लान ड्राफ्ट को स्वीकृति दी जा सकती है।
शिक्षकों की तबादला नीति: शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी मिलने की संभावना है।
युवाओं के लिए कौशल आधारित सहायता: नंदा गौरा योजना के तहत बालिकाओं को अब 12वीं या स्नातक के बाद स्किल-बेस्ड कोर्स पूरा करने पर अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है।
महिला नीति पर लग सकती है अंतिम मुहर
उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित राज्य महिला नीति पर भी इस बैठक में निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में यह नीति एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस नीति के माध्यम से राज्य में महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को एकीकृत रूप में लागू किया जाएगा।
भूमि और निकाय से जुड़े फैसले भी एजेंडे में
रायपुर क्षेत्र की भूमि होगी फ्रीज मुक्त: देहरादून के रायपुर क्षेत्र में वर्षों से फ्रीज की गई भूमि को मुक्त किए जाने संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट हरी झंडी दे सकती है।
नगर निकायों में एक समान टैक्स प्रणाली: प्रदेश के सभी नगर निकायों में एक समान कर प्रणाली लागू करने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं।
पुराने बाजारों का पुनर्विकास: उत्तराखंड के पारंपरिक बाजारों के नवीनीकरण के लिए री-डेवलपमेंट नीति के तहत कार्ययोजना पर विचार संभव है।
स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में सुधार की दिशा में कदम
राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल के गठन का प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखा गया है। इसके अलावा, उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए एक ठोस नीति तैयार करने की संभावना है, जो लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई जा रही है।
यह भी पढें-ऋषभ पंत का धमाका: आलोचकों को दिया करारा जवाब, IPL में रचा नया इतिहास








