अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

फर्जी एनकाउंटर पर हाईकोर्ट की सख्ती: कानून के रखवालों को न्याय का ठेकेदार नहीं बनने दिया जा सकता

On: May 23, 2025 4:51 AM
Follow Us:

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2013 के एक कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पंजाब सरकार को पीड़ित की मां को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला अमृतसर के 22 वर्षीय युवक अरविंदर पाल सिंह उर्फ लवली से जुड़ा है, जिसकी मौत एक नाई की दुकान में बैठे-बैठे पुलिस की गोली से हो गई थी। कोर्ट ने इस घटना को कानून व्यवस्था की बुनियाद पर हमला बताते हुए कहा कि किसी भी कानून प्रवर्तन एजेंसी को यह अधिकार नहीं है कि वह खुद ही जज, ज्यूरी और जल्लाद बन जाए।

मृतक की मां दलजीत कौर ने कोर्ट में दावा किया कि उनके बेटे को हेड कांस्टेबल प्रेम सिंह ने बेहद नजदीक से गोली मारी थी, जबकि वह किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं था। पुलिस ने इसे आत्मरक्षा का मामला बताते हुए एक फर्जी एफआईआर दर्ज की, जिसमें दावा किया गया कि मृतक ने एक पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के दावे की पोल खोल दी — रिपोर्ट के अनुसार गोली बेहद नजदीक से मारी गई थी और शरीर पर ऐसे कोई संकेत नहीं थे जो संघर्ष या चेतावनी की पुष्टि करते।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि यह मामला आत्मरक्षा के नाम पर की गई एक स्पष्ट एक्स्ट्रा-जुडिशियल किलिंग का उदाहरण है। हाईकोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि आरोपी पुलिसकर्मियों पर सिर्फ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया, जबकि परिस्थितियां साफ तौर पर धारा 302 (हत्या) के तहत कार्रवाई की मांग करती थीं। कोर्ट ने इस केस की गंभीरता को समझते हुए ट्रायल कोर्ट को क्लोजर रिपोर्ट पर दोबारा विचार करने का निर्देश भी दिया।

यह फैसला न सिर्फ पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि कानून के रखवाले अगर खुद ही न्याय की प्रक्रिया को ताक पर रख देंगे, तो लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा संभव नहीं होगी। अदालत ने 12 वर्षों की लंबी लड़ाई लड़ने वाली मां के साहस को भी सराहा और कहा कि कानून के राज्य में न्याय तभी सुरक्षित रह सकता है जब हर कार्रवाई जवाबदेही के दायरे में हो।

यह भी पढ़ें : कोरोना का नया वेरिएंट: खतरा और उत्तराखंड की तैयारी

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment