भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक गैर-जिम्मेदार और असभ्य देश के पास परमाणु हथियार सुरक्षित रह सकते हैं? श्रीनगर में जवानों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह वैश्विक चिंता का विषय है और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर निगरानी रखनी चाहिए।
राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने आतंक के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन के बाद उनकी जम्मू-कश्मीर की पहली यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि इस सर्जिकल स्ट्राइक ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठनों और उनके सरपरस्तों को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब उन्हें भारत के प्रतिशोध से कोई जगह सुरक्षित नहीं है।
अपने दौरे के दौरान रक्षा मंत्री ने नियंत्रण रेखा (LOC) और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। श्रीनगर स्थित XV कोर मुख्यालय में शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने उन्हें मौजूदा सुरक्षा हालात और सेना की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा, अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों की युद्ध क्षमता और मनोबल की भी उन्होंने समीक्षा की।
गौरतलब है कि 7 मई को भारत ने आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने 8 से 10 मई तक भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। भारत ने इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए 10 मई को पाकिस्तान के आठ हवाई अड्डों पर मिसाइल और लंबी दूरी के हथियारों से हमला किया। आखिरकार दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद संघर्षविराम पर सहमति बनी और तनावपूर्ण स्थिति में थोड़ी नरमी आई।
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