अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड: दून अस्पताल की अवैध मजार पर धामी सरकार की बड़ी कार्रवाई, चला बुलडोजर

On: April 26, 2025 3:39 AM
Follow Us:

देहरादून। राजधानी स्थित दून अस्पताल परिसर में बनी एक अवैध मजार को लेकर सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शिकायत की जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार देर रात बुलडोजर चलाकर इस अवैध धार्मिक ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार यह मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाई गई थी। कार्रवाई के दौरान मजार का मलबा पूरी तरह से साफ कर दिया गया, और वहां से कोई धार्मिक अवशेष या चिह्न नहीं बरामद हुआ।

शिकायतकर्ता ने उठाया था मामला

ऋषिकेश निवासी पंकज गुप्ता ने सीएम पोर्टल पर यह शिकायत दर्ज कराई थी कि अस्पताल परिसर में बनी यह मजार अवैध रूप से कब्जा करके बनाई गई है। शिकायत के बाद देहरादून के जिलाधिकारी ने इस मुद्दे की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की। समिति में उप जिलाधिकारी के साथ-साथ नगर निगम, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, अस्पताल प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया।

जांच में उजागर हुईं कई अनियमितताएं

कमेटी ने भूमि से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच की, जिसमें सामने आया कि मजार के निर्माण के लिए किसी प्रकार की कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी। न ही संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी। जांच पूरी होने के बाद मजार से जुड़े खादिम को नोटिस जारी किया गया और उन्हें स्पष्ट किया गया कि संरचना अवैध है।

अंधविश्वास और अव्यवस्था फैला रहे थे खादिम

स्थानीय लोगों के अनुसार, मजार पर बैठने वाले खादिम अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को धार्मिक रीति-रिवाजों में शामिल करने का प्रयास करते थे। यह गतिविधियाँ अक्सर अंधविश्वास को बढ़ावा देती थीं और अस्पताल के भीतर शांति और उपचार प्रक्रिया में व्यवधान डालती थीं।

सूत्रों के मुताबिक अस्पताल प्रशासन ने भी इस मुद्दे को लेकर शासन को कई बार पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की थी।

देर रात की गई कड़ी कार्रवाई

शुक्रवार रात को जिला प्रशासन, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और दून अस्पताल प्रशासन की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे अस्पताल मार्ग को सील किया और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर से अवैध ढांचे को गिरा दिया।

प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे साहसिक कदम मान रहे हैं तो कुछ धार्मिक भावनाओं को आहत होने की बात कह रहे हैं, हालांकि प्रशासन का साफ कहना है कि यह पूरी तरह सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा था और इसे हटाना आवश्यक था।

यह भी पढें- ईस्टर पर्व पर देहरादून के चर्च में हमला: तेजधार हथियारों से प्रार्थना सभा में हमला, 11 लोगों पर केस दर्ज

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment