प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और साहसिक कदम उठाकर एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत किसी भी कीमत पर अपने नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहलगाम में हुई कायरतापूर्ण आतंकी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में आतंक के खिलाफ जो ऐतिहासिक और कठोर निर्णय लिए गए, उन पर अब तेजी से अमल शुरू हो चुका है।
इसी क्रम में भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा और ठोस कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह केवल एक कूटनीतिक संदेश नहीं, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट चेतावनी है कि अब भारत ‘खून और पानी’ को एक साथ बहने नहीं देगा। आतंकवाद को संरक्षण देने और उसे बढ़ावा देने की कीमत अब पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी।
केंद्र सरकार के इन निर्णयों ने पाकिस्तान को करारा जवाब देने के साथ-साथ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की पुष्टि की है। अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद करने जैसे अन्य सख्त फैसलों से भी यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अब आतंक के हर हमले का मुँहतोड़ जवाब देने को पूरी तरह तैयार है।
इन ठोस और निर्णायक कदमों ने यह साफ कर दिया है कि भारत की सुरक्षा और संप्रभुता से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री की अगुवाई में लिए गए इन फैसलों से दुश्मनों को सख्त संदेश मिल चुका है कि अब भारत न सिर्फ़ जवाब देगा, बल्कि हिसाब भी बराबर करेगा।








