22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके की खूबसूरत बैसरन घाटी में एक दर्दनाक आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 28 बेगुनाह पर्यटकों की जान चली गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। आतंकियों ने वहां मौजूद लोगों से उनका धर्म पूछा और फिर गोलियां चला दीं। इस हमले की ज़िम्मेदारी एक आतंकी संगठन ने ली है जो पहले भी ऐसे हमलों में शामिल रहा है।
इस घटना का सबसे बड़ा असर देशभर के आम लोगों पर पड़ा है, खासकर उत्तराखंड की दून घाटी के लोगों पर। यहां के बहुत से लोग गर्मियों में कश्मीर घूमने की तैयारी कर रहे थे – होटल बुकिंग कर ली थी, फ्लाइट्स की टिकट भी ले ली थी। लेकिन अब लोग डर गए हैं। जो लोग पहले कश्मीर घूमने को लेकर बेहद उत्साहित थे, अब वो अपनी बुकिंग रद्द कराने के लिए परेशान हैं।
ट्रैवल एजेंसियों और होटल वालों के पास फोन की लाइनें व्यस्त हैं – हर कोई पूछ रहा है कि बुकिंग कैसे कैंसल कराएं, पैसा कैसे वापस मिलेगा। एयरलाइंस ने भी मदद के लिए आगे आकर 30 अप्रैल तक मुफ्त कैंसलेशन और टिकट बदलवाने की सुविधा दी है।
सरकार की ओर से सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश के लिए ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
इस हमले से सिर्फ लोगों में डर नहीं फैला है, बल्कि कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर भी भारी असर पड़ा है। जो लोग कश्मीर की खूबसूरती देखने के लिए हर साल वहां जाते थे, अब वहां जाने से घबरा रहे हैं। यह घटना पूरे देश के लिए एक बड़ा झटका है और एक बार फिर ये सवाल उठा है – क्या कश्मीर में पर्यटक अब सुरक्षित हैं?
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