देहरादून: राजधानी में सोमवार रात एक शादी समारोह की आतिशबाजी उस वक्त कहर बनकर टूटी जब उसकी चिंगारियां पास के एक होटल में जा गिरीं, जहां एक बच्चा अपना जन्मदिन मना रहा था। होटल में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते पूरे कॉम्पलेक्स को चपेट में ले लिया और जन्मदिन की खुशियां चीख-पुकार में तब्दील हो गईं।
यह घटना देहरादून के थाना बसंत विहार क्षेत्र की है, जहां चकराता रोड स्थित बल्लूपुर चौक के पास एक वेडिंग प्वाइंट में शादी की बारात निकली थी। बारातियों द्वारा की जा रही जोरदार आतिशबाजी के दौरान कुछ पटाखों की चिंगारियां बगल में स्थित आशीर्वाद कॉम्पलेक्स की चौथी मंजिल पर जा गिरीं, जहां ‘ब्लेसिंग बेल्स’ नामक होटल में जन्मदिन की पार्टी चल रही थी।
आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते होटल के अन्य हिस्सों के साथ-साथ कॉम्पलेक्स की अन्य मंजिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। पार्टी में मौजूद लोग, जिनमें होटल मालिक हेमंत कापड़ी और उनके परिवार सहित मेहमान शामिल थे, जान बचाकर बाहर भागे। होटल स्टाफ और अन्य लोग भी किसी तरह बाहर निकल पाए।
कॉम्पलेक्स में मौजूद अन्य प्रतिष्ठानों जैसे मारुति नेक्शा का शोरूम, एक आईवीएफ सेंटर और पैथोलॉजी लैब को भी खतरा उत्पन्न हो गया, हालांकि घटना के समय वे बंद थे, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। नगर अग्निशमन अधिकारी किशोर उपाध्याय ने बताया कि घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। समय रहते आग पर नियंत्रण पाने के चलते आसपास की अन्य इमारतों को बचा लिया गया।
फिलहाल, पुलिस और अग्निशमन विभाग घटना की विस्तृत जांच में जुटे हैं। यह हादसा न केवल लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सार्वजनिक स्थलों के पास की जाने वाली आतिशबाजी कितनी खतरनाक हो सकती है।








