Jitin Prasada Inaugurates STPI Centre: उत्तराखंड में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र, स्टार्टअप और तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के नए इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। इस केंद्र का उद्देश्य राज्य के युवाओं को तकनीक आधारित कारोबार शुरू करने, अपने स्टार्टअप को विकसित करने और आईटी उद्योग से जुड़ने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस पहल से उत्तराखंड में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रदेश को तकनीकी कारोबार के एक उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने की उम्मीद है। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आईटी सचिव डॉ. पंकज पांडेय, STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
30 हजार वर्ग फुट में तैयार हुआ नया इन्क्यूबेशन सेंटर
देहरादून में स्थापित इस केंद्र को युवाओं और नए उद्यमियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां लगभग 30 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में नई इमारत तैयार की गई है। इसका मकसद ऐसे लोगों को काम करने की जगह और जरूरी तकनीकी सुविधाएं देना है, जो सीमित संसाधनों के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
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STPI के माध्यम से आईटी क्षेत्र से जुड़े युवा अपने छोटे समूह के साथ भी काम शुरू कर सकेंगे। शुरुआती चरण में बड़ी कंपनी की तरह कार्यालय और बुनियादी ढांचे पर अधिक खर्च करने के बजाय उन्हें एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिल सकेगा, जहां वे अपने विचारों को व्यावसायिक रूप दे सकें।
केंद्र में युवाओं को 24 घंटे काम करने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी है। इससे स्टार्टअप संचालकों को अपनी जरूरत और कार्यशैली के अनुसार काम करने में मदद मिल सकती है।
Jitin Prasada Inaugurates STPI Centre: निवेशकों और विशेषज्ञों से जुड़ने का मिलेगा मौका
नए सेंटर का उद्देश्य केवल कार्यालय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्टार्टअप के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना भी है। इसके तहत युवाओं को तकनीकी विशेषज्ञों, मार्गदर्शकों और संभावित निवेशकों से जुड़ने के अवसर देने पर जोर रहेगा।
किसी भी नए कारोबार के लिए बेहतर विचार के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान, वित्तीय सहयोग और सही मार्गदर्शन भी जरूरी होता है। ऐसे में यह केंद्र शुरुआती उद्यमियों को अपने उत्पाद और सेवाओं को विकसित करने, बाजार की जरूरत समझने और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से यहां सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप विकसित करने की भी योजना है। इससे उभरती तकनीकों पर काम करने वाले युवाओं को प्रशिक्षण और नवाचार के लिए बेहतर वातावरण मिल सकता है।
251 करोड़ रुपये से अधिक का सॉफ्टवेयर निर्यात
उत्तराखंड में आईटी उद्योग की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्थान में पंजीकृत 14 इकाइयों ने प्रदेश से 251.32 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर निर्यात किया।
यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं मौजूद हैं। नए इन्क्यूबेशन सेंटर से इस क्षेत्र में और अधिक उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
STPI का व्यापक उद्देश्य आईटी और आईटीईएस उद्योग, स्टार्टअप तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को सहयोग देना, सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
जितिन प्रसाद ने जताई खुशी, देहरादून से जुड़ी यादें कीं साझा
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने देहरादून में इस केंद्र की शुरुआत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से उनका पुराना जुड़ाव रहा है और उनके छात्र जीवन का एक हिस्सा इसी क्षेत्र में बीता है। ऐसे में देहरादून में तकनीकी विकास से जुड़ी इस पहल का शुभारंभ उनके लिए खास महत्व रखता है।
उन्होंने इस केंद्र को प्रदेश में आईटी और स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा।
राज्य सरकार का IT सेक्टर पर जोर
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में आईटी क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, देहरादून में तकनीकी कारोबार के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं और बेहतर सुविधाएं मिलने से स्थानीय युवाओं को प्रदेश में ही अवसर मिल सकते हैं।
वहीं, आईटी सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने केंद्र से युवाओं को नई तकनीक सीखने और व्यवसाय के नए अवसर हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई। केंद्र और राज्य सरकार के बीच सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप विकसित करने के लिए सहयोग की बात भी सामने आई।
युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है यह पहल?
देहरादून में STPI इन्क्यूबेशन सेंटर की शुरुआत से प्रदेश में तकनीक आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने का रास्ता खुल सकता है। यदि युवाओं को बेहतर बुनियादी ढांचा, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और निवेश से जुड़ने के अवसर मिलते हैं, तो वे अपने स्टार्टअप को उत्तराखंड से ही विकसित कर सकते हैं।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, तकनीकी कौशल के विकास और सॉफ्टवेयर निर्यात को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव केंद्र की सुविधाओं के उपयोग, स्टार्टअप को मिलने वाले सहयोग और नए उद्यमों की सफलता पर निर्भर करेगा।
स्रोत: ETV Bharat की मूल रिपोर्ट और STPI की आधिकारिक वेबसाइट।
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