सीएम धामी ने 9 लाख लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर किए 147 करोड़ रुपये, 5600 से अधिक नए लोगों को मिला लाभ – Doonprimenews

सीएम धामी ने 9 लाख लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर किए 147 करोड़ रुपये, 5600 से अधिक नए लोगों को मिला लाभ

​देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के गरीब, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को बड़ी राहत दी है। सीएम धामी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 9.91 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 147.05 करोड़ रुपये की पेंशन राशि वन-क्लिक के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की। यह राशि अगस्त माह की किस्त के रूप में जारी की गई है।

​मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली किसी भी व्यावहारिक समस्या का संवेदनशीलता से समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य ध्येय हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।

​नए लाभार्थियों को जोड़ा गया और विशेष निर्देश

​इस बार पेंशन वितरण में कई महत्वपूर्ण फैसले और आंकड़े सामने आए हैं:

  • ​5,605 नए लाभार्थी शामिल: अगस्त माह में विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 5,605 नए आवेदनों को स्वीकृति दी गई। इनमें 3,945 वृद्धावस्था पेंशन, 1,000 विधवा पेंशन और 416 दिव्यांग पेंशन के नए लाभार्थी शामिल हैं।
  • ​बिना आधार वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था: सीएम धामी ने निर्देश दिया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का आधार कार्ड किसी तकनीकी कारण से नहीं बन पा रहा है, तो उसके लिए अकाउंट बेस्ड पेमेंट (Account-Based Payment) की व्यवस्था की जाए, ताकि कोई भी गरीब व्यक्ति पेंशन से वंचित न रहे।
  • ​बजट का वितरण: कुल जारी की गई राशि में लगभग 140.11 करोड़ रुपये राज्य सरकार का अंश (राज्यांश) है, जबकि 6.94 करोड़ रुपये केंद्र सरकार का अंश (केंद्रांश) है।

​इन योजनाओं के तहत भेजी गई राशि

​सामाजिक सुरक्षा के तहत राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन मदों में यह बजट जारी किया गया:

  • ​वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन: बुजुर्गों और निराश्रित महिलाओं को आर्थिक सहारा देने के लिए।
  • ​दिव्यांग एवं किसान पेंशन: दिव्यांगजनों और छोटे व बुजुर्ग किसानों की सहायता हेतु।
  • ​तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन: राज्य की विशेष लक्षित योजनाओं के अंतर्गत।
  • ​परित्यक्ता एवं भरण-पोषण अनुदान: बेसहारा और जरूरतमंद महिलाओं को राहत देने के लिए।

​कार्यक्रम के अंत में समाज कल्याण विभाग ने बताया कि आगामी 18 और 19 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन में उत्तराखंड की इन जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं और पारदर्शी भुगतान प्रणाली पर भी चर्चा की जाएगी।

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