​Ketan Agarwal Murder Case Update: खौफनाक साजिश का पर्दाफाश; मर्डर से पहले सिया और चेतन ने पहाड़ी पर की थी धक्का देने की 'रिहर्सल' - Doonprimenews
अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

​Ketan Agarwal Murder Case Update: खौफनाक साजिश का पर्दाफाश; मर्डर से पहले सिया और चेतन ने पहाड़ी पर की थी धक्का देने की ‘रिहर्सल’

On: July 2, 2026 10:39 AM
Follow Us:

​पुणे
​महाराष्ट्र के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसने न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि आम जनता को भी झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को लेकर अब एक ऐसा सनसनीखेज सच सामने आया है, जो यह साबित करता है कि यह हत्याकांड कोई अचानक उपजा गुस्सा नहीं, बल्कि हफ्तों की सोची-समझी क्रूर साजिश का नतीजा था।

पुणे ग्रामीण पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि केतन की हत्या को अंजाम देने से पहले दोनों आरोपियों ने बाकायदा एक पहाड़ी पर जाकर हत्या की ‘रिहर्सल’ की थी।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

​लुल्ला नगर की पहाड़ी पर सीखा ‘धक्का देने’ का तरीका

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

​जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पुणे के सेक्टर-37 स्थित लुल्ला नगर इलाके में एक क्लब के पास खुली पहाड़ी पर इस खौफनाक वारदात का अभ्यास किया था। उन्होंने तय किया था कि वे केतन को लोहगढ़ किले की ऊंची और ढलान वाली चट्टान से नीचे धकेलेंगे, ताकि यह एक सामान्य दुर्घटना जैसा लगे।

इस योजना को बिना किसी चूक के अंजाम देने के लिए दोनों ने लुल्ला नगर की पहाड़ी पर जाकर यह अभ्यास किया कि किसी व्यक्ति को चट्टान के किनारे से कैसे और कितने बल से नीचे धकेला जाए।

​दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि रिहर्सल की यह जगह मार्केट यार्ड इलाके में स्थित सिया के घर ‘लीला कुंज’ से महज कुछ ही दूरी पर है। पुलिस जांच टीम हाल ही में सिया को उसके घर ले गई थी, जहां से वारदात के दिन (18 जून) उसके द्वारा पहने गए कपड़े बरामद किए गए। इसके तुरंत बाद, पुलिस उसे उसी पहाड़ी पर ले गई जहां उन्होंने अभ्यास किया था। सिया ने खुद पुलिस के सामने उस जगह की शिनाख्त की है।


​क्राइम सीन री-क्रिएशन: डमी को नीचे फेंककर दोहराया गया घटनाक्रम

​पुणे ग्रामीण पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। रविवार को पुलिस टीम सिया गोयल को लेकर मुख्य घटनास्थल (लोहगढ़ किला) पहुंची, जहां उसकी मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया गया (क्राइम सीन री-क्रिएशन)। इस दौरान पुलिस ने एक डमी (पुतले) को पहाड़ी से नीचे धकेलकर देखा कि शव किस गति और किस दिशा में गिरा होगा।


​इसके ठीक तीन दिन बाद, यानी बुधवार को पुलिस सह-आरोपी चेतन चौधरी को भी कड़ी सुरक्षा के बीच लोहगढ़ किले की उसी चट्टान पर लेकर गई। चेतन के साथ भी पुलिस ने अपराध के दृश्यों को री-क्रिएट किया, ताकि दोनों के बयानों और मौके की स्थिति में कोई विरोधाभास न रहे।

​गूगल पर खोजे थे मौत के तरीके, पुलिस के सवालों की भी की थी तैयारी

​पुलिस की तकनीकी जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन ने इंटरनेट का सहारा लेकर मर्डर की प्लानिंग की थी। उन्होंने गूगल पर सर्च किया था कि किसी इंसान को आसानी से कैसे मारा जा सकता है और सबूतों को कैसे मिटाया जा सकता है। लोहगढ़ किले को चुनने की वजह भी यही थी ताकि वे इसे एक ‘हादसा’ बता सकें।


​यही नहीं, दोनों ने इस बात की भी बकायदा प्रैक्टिस की थी कि यदि पुलिस उन्हें पकड़ लेती है या पूछताछ करती है, तो उन्हें क्या और कैसे जवाब देने हैं ताकि वे कानून की नजरों में बेकसूर साबित हो सकें। उन्होंने खुद को पुलिस के संदेह से बचाने के लिए वारदात के समय अपना हुलिया और पहनावा बदलने की योजना भी बनाई थी।

​33 डिग्री तापमान में ‘हुडी’ पहनना पड़ा भारी, टोल टैक्स से बचने के लिए स्कूटर का सफर

​चेतन चौधरी ने पुलिस और सीसीटीवी कैमरों की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। वह अपनी कार या बाइक के बजाय एक साधारण स्कूटर से लोहगढ़ किला गया था, ताकि टोल प्लाजा के इलेक्ट्रॉनिक फास्टैग रिकॉर्ड और मुख्य सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी आवाजाही दर्ज न हो सके। वारदात के बाद वह उसी स्कूटर से पुणे लौट आया, जिसे अब पुलिस ने जब्त कर लिया है।


​किले पर चढ़ते समय अपनी पहचान छिपाने के लिए चेतन ने सिर को ढकने वाली ‘हुडी’ शर्ट पहनी हुई थी। लेकिन उसकी यही चालाकी उसके लिए काल बन गई। जून की तपती गर्मी में जहां तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था, वहां हुडी पहनकर घूमना किले के अन्य पर्यटकों और बाद में पुलिस की नजरों में संदेहास्पद बन गया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस कड़ियां जोड़ने में कामयाब रही। पुलिस के अनुसार, इस मर्डर की अंतिम स्क्रिप्ट मई के आखिरी हफ्ते में ही पूरी तरह तैयार कर ली गई थी।

ये भी पढ़े➜उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बढ़ी कनेक्टिविटी: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से देहरादून के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू, दैनिक उड़ान से सफर हुआ आसान

​सच उगलवाने के लिए अब होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

​हालांकि पुलिस के पास दोनों आरोपियों के खिलाफ कई पुख्ता सबूत हैं, लेकिन मामले में पूरी स्पष्टता लाने और किसी भी छिपे हुए सच को सामने लाने के लिए पुलिस अब सिया और चेतन का लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इसके लिए स्थानीय अदालत से आधिकारिक अनुमति मांगी है।

जांच अधिकारियों का मानना है कि पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजों से दोनों संदिग्धों के बयानों का सटीक मिलान किया जा सकेगा, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को कोर्ट में बेहद मजबूत तरीके से पेश किया जा सके। फिलहाल मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​बागेश्वर में केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा का अधिवक्ताओं ने किया घेराव, लापता वकील की तलाश को लेकर हंगामा

​Rajasthan News: झुंझुनूं में दर्दनाक हादसा, सड़क निर्माण के दौरान 8 मजदूरों की मौत

​Kedarnath Snowfall: बर्फबारी से बाबा केदार का हुआ प्राकृतिक अभिषेक, केदारनाथ धाम में जमी 6 इंच बर्फ, माइनस तापमान में भी दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

​Kotdwar news: कोटद्वार के जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में चाय के खोखे पर गिरा पेड़, एक की मौत

दीपावली पर धामी सरकार का बड़ा धमाका: शहरी निकायों के लिए 328 करोड़ जारी, कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफा

​Uttarakhand Weather Alert 2026: नैनीताल और चमोली समेत 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी

Leave a Comment