उत्तराखंड का सबसे बड़ा वित्तीय महाघोटाला: LUCC चिटफंड केस में आज हाईकोर्ट में सुनवाई, पेश होगी अब तक की जांच रिपोर्ट - Doonprimenews
अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड का सबसे बड़ा वित्तीय महाघोटाला: LUCC चिटफंड केस में आज हाईकोर्ट में सुनवाई, पेश होगी अब तक की जांच रिपोर्ट

On: March 18, 2026 5:20 AM
Follow Us:
उत्तराखंड हाईकोर्ट में LUCC 800 करोड़ घोटाले की सुनवाई के दौरान सीबीआई जांच रिपोर्ट पेश करते वकील और मौजूद पीड़ित।

नैनीताल: उत्तराखंड के इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक, लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (LUCC) मामले में आज उत्तराखंड उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आज, 18 मार्च 2026 की तिथि नियत की थी। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आज की सुनवाई में घोटाले से संबंधित अब तक की गई जांच की विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।

यह मामला न केवल 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है, बल्कि इसमें प्रदेश के हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों की गाढ़ी कमाई दांव पर लगी है।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

800 करोड़ का मायाजाल: कैसे बुना गया ठगी का ताना-बना?

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

LUCC (एलयूसीसी) ने उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी जिलों में अपना जाल फैलाने के लिए कुल 35 शाखाएं खोली थीं। स्थानीय एजेंटों के माध्यम से कंपनी ने भोली-भाली जनता को कम समय में पैसा दोगुना करने और भारी मुनाफे का लालच दिया। निवेश को लुभावना बनाने के लिए निवेशकों को बताया गया कि उनका पैसा विदेशों में सोना, तेल रिफाइनरी और अन्य बड़े क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा है, जिससे उन्हें बाजार से कहीं अधिक रिटर्न मिलेगा।

शुरुआत में कुछ लोगों को भरोसा जीतने के लिए भुगतान किया गया, लेकिन जैसे ही निवेश की गई भारी-भरकम राशि परिपक्व (Mature) होने का समय आया, कंपनी के संचालक दफ्तरों पर ताला लगाकर फरार हो गए।

सीबीआई जांच की मांग और पीड़ितों का संघर्ष

इस महाघोटाले की जांच वर्तमान में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पास है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान पीड़ितों की ओर से दलील दी गई थी कि स्थानीय पुलिस की जांच की गति धीमी है और कई पीड़ितों की तो प्राथमिकी (FIR) तक दर्ज नहीं की गई थी।

  • पीड़ितों का पक्ष: 27 मुख्य पीड़ितों ने अदालत को बताया कि जब तक उनके व्यक्तिगत मामलों में मुकदमा दर्ज नहीं होगा, तब तक उनकी डूबी हुई रकम वापस मिलने की कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी।
  • कोर्ट का निर्देश: हाईकोर्ट ने पीड़ितों को राहत देते हुए निर्देश दिया है कि वे सीधे सीबीआई को अपनी शिकायतें सौंपें। साथ ही, उन्होंने अपनी निवेशित धनराशि के प्रमाण पत्र और दस्तावेज भी संलग्न करने को कहा है ताकि जांच को पुख्ता आधार मिल सके।

अब तक की कार्रवाई: 46 आरोपियों पर शिकंजा

गौरतलब है कि 28 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद सीबीआई/एसीबी देहरादून ने इस मामले में 46 आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। उत्तराखंड के लगभग सभी प्रमुख जिलों जैसे देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और नैनीताल में इस सोसाइटी के खिलाफ कुल 18 मुकदमे दर्ज हैं।

इस पूरे प्रकरण में पहली आधिकारिक शिकायत 1 जून 2024 को तृप्ति नेगी द्वारा कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद इस घोटाले की परतें खुलनी शुरू हुईं।

आज की सुनवाई क्यों है अहम?

आज की सुनवाई में कोर्ट यह देखेगा कि सीबीआई और पुलिस ने अब तक की जांच में क्या प्रगति की है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • संपत्तियों की कुर्की: क्या फरार संचालकों की संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हुई है?
  • मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी: कंपनी के शीर्ष पदों पर बैठे मुख्य साजिशकर्ता अभी पुलिस की पहुंच से कितने दूर हैं?
  • धन वापसी का रोडमैप: निवेशकों का पैसा वापस दिलाने के लिए सरकार और जांच एजेंसियां क्या कदम उठा रही हैं?

जनहित याचिका और सामाजिक प्रभाव

देहरादून और ऋषिकेश के सैकड़ों पीड़ितों ने इस मामले में जनहित याचिका (PIL) दायर की है। स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि LUCC घोटाला केवल एक वित्तीय अपराध नहीं है, बल्कि इसने राज्य की सहकारी साख प्रणाली (Cooperative Credit System) पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मजदूरों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी इस उम्मीद में लगा दी थी कि उनके बच्चों की शादी या शिक्षा के लिए यह पैसा काम आएगा।

यह भी पढ़ें-इंदौर में भीषण अग्निकांड: EV चार्जिंग के दौरान धमाका, एक ही परिवार के 7 लोग जिंदा जले; इलाके में मातम

निष्कर्ष

उत्तराखंड हाईकोर्ट की आज की कार्यवाही राज्य के हजारों पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण है। यदि सीबीआई आज ठोस रिपोर्ट पेश करती है, तो उम्मीद जताई जा रही है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कसेगा और पीड़ितों की रकम वापसी की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​Harak Singh Rawat Rape Case: 23 साल पुराने दुष्कर्म मामले में पूर्व मंत्री की बढ़ीं मुश्किलें, पुलिस ने दिए जांच के आदेश

Uttarakhand News: धामी सरकार का बड़ा फैसला! शैय्याग्रस्त राज्य आंदोलनकारियों को हर महीने मिलेंगे 20 हजार रुपये, सहायक की भी होगी व्यवस्था

Amit Shah Uttarakhand Visit: उत्तराखंड में अमित शाह ने फूंका 2027 चुनाव का बिगुल, BJP का मिशन 65 पार; कांग्रेस पर साधा निशाना

​Urmila Sanawar Bail: हरिद्वार जेल से रिहाई का रास्ता साफ, लेकिन देहरादून पुलिस कर सकती है गिरफ्तार

अमित शाह की देहरादून रैली: Dehradun rally में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन और चुनावी रणनीति

Delhi Chawri Bazar Building Collapse: चावड़ी बाजार में इमारत गिरने से बड़ा हादसा, दो की मौत और राहत-बचाव कार्य जारी

Leave a Comment