देहरादून: नंदा की चौकी पुल की मरम्मत शुरू, चार महीने में यातायात खुलने की संभावना - Doonprimenews
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देहरादून: नंदा की चौकी पुल की मरम्मत शुरू, चार महीने में यातायात खुलने की संभावना

On: January 23, 2026 7:41 AM
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पांवटा साहिब राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। लगभग चार महीने के इंतजार के बाद लोनिवि प्रांतीय खंड ने हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी को 16 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए चयनित किया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से पहले पुल पर यातायात बहाल किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया में आई बाधाओं के बाद काम शुरू
पुल के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया में प्रारंभिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। टेंडर की अवधि बढ़ाई गई और एक बार इसे रद्द भी करना पड़ा। लेकिन महज तीन दिन में नई टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कंपनी का चयन किया गया और अनुबंध के साथ निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो गया।
लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी को चार माह के भीतर कार्य पूरा करने का समय दिया गया है।
15 सितंबर की अतिवृष्टि में पुल क्षतिग्रस्त
15 सितंबर की मध्यरात्रि को हुई अतिवृष्टि के कारण टौंस नदी पर बना पुल का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया था। इससे पांवटा साहिब राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया। कुछ समय के लिए नदी के एक भाग पर ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी पुलिया बनाई गई, जिससे राजमार्ग पर यातायात संचालित हो रहा है।
लोनिवि ने क्षतिग्रस्त एबटमेंट वाल के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार किया था और नवंबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। अब यह कार्य धरातल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
33 साल बाद पुल की खामी दूर होगी
यह पुल 1992 में बना था और उस समय की निर्माण खामियों को अब सुधारा जाएगा। लोनिवि के परीक्षण में पता चला कि किनारे की एबटमेंट वाल ध्वस्त हुई, जबकि बीच के पिलर सुरक्षित रहे। पुराने पुल में किनारे की वाल ओपन फाउंडेशन पर बनी थी, जबकि बीच के पिलर वेल फाउंडेशन वाले थे।
नई मरम्मत में ओपन फाउंडेशन की जगह वेल फाउंडेशन का प्रयोग किया जाएगा, जिसकी गहराई 20 मीटर से अधिक होगी, जबकि पुरानी वाल की गहराई मात्र 5 मीटर थी। साथ ही, परियोजना में सुरक्षा के अतिरिक्त प्रावधान भी जोड़े गए हैं।

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