Pauri: बुंखाल मेले से लौटते श्रद्धालुओं की कार खाई में गिरी, दो की मौत—तीन गंभीर घायल - Doonprimenews
अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

Pauri: बुंखाल मेले से लौटते श्रद्धालुओं की कार खाई में गिरी, दो की मौत—तीन गंभीर घायल

On: December 7, 2025 11:03 AM
Follow Us:

पौड़ी गढ़वाल: प्रसिद्ध बुंखाल मेले से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी थलीसैंण ब्लॉक में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा समाई। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है।
मृतकों की पहचान वीरेंद्र (23 वर्ष), पुत्र सरदार सिंह, ग्राम टीला, पैठाणी और संतोष सिंह (35 वर्ष), पुत्र रघुवीर सिंह, ग्राम टीला थाना पैठाणी के रूप में की गई है।
घायलों में सोहन सिंह, वीरेंद्र सिंह, सिताब सिंह के नाम शामिल हैं। इनमें वीरेंद्र सिंह और सिताब सिंह रुद्रप्रयाग जनपद के निवासी बताए जा रहे हैं।
बुंखाल मेला—आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र
पाबौ ब्लॉक के प्रसिद्ध बुंखाल कालिंका मंदिर में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला क्षेत्र की आस्था का महत्त्वपूर्ण पर्व माना जाता है। काली देवी को समर्पित इस मंदिर में दूर-दूर के गांवों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
मेले से जुड़ी मान्यता
स्थानीय किवदंती के अनुसार, गाय चराने के दौरान बच्चों ने खेल-खेल में एक बालिका को खड्ड में दबा दिया था। रात में वह बालिका गांव के प्रधान के सपने में प्रकट हुई और बताया कि उसने काली का रूप धारण कर लिया है तथा उसकी पूजा शुरू की जाए। बाद में यहां एक मंदिर का निर्माण कराया गया, जिसे आज कालिंका मंदिर के रूप में जाना जाता है।
कहा जाता है कि देवी लोगों को संकटों के बारे में आवाज देकर पहले ही सचेत कर देती थीं। गोरखा आक्रमण के दौरान भी देवी ने गांववासियों को खतरे की चेतावनी दी थी। गोरखाओं द्वारा तंत्र-मंत्र के माध्यम से देवी की स्थिति बदल देने के बाद आवाज आना बंद हो गया।
पहले यहां सैकड़ों की संख्या में पशु बलि दी जाती थी, जिसके बारे में मान्यता थी कि बलि देने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। वर्ष 2011 के बाद पशु बलि पूरी तरह बंद कर दी गई, और अब मेले के अवसर पर ग्रामीण ढोल-दमाऊं, निसांण और डोली के साथ पहुंचकर सात्विक पूजा-अर्चना करते हैं।
प्रदेश में सितंबर 2025 तक सड़क हादसों की स्थिति
उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक हैं। सितंबर 2025 तक पूरे प्रदेश में कुल 1,369 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 932 लोगों की जान गई।
जिलेवार स्थिति इस प्रकार है—
• उत्तरकाशी: 16 दुर्घटनाएं, 12 मौतें
• टिहरी: 45 दुर्घटनाएं, 42 मौतें
• चमोली: 35 दुर्घटनाएं, 29 मौतें
• रुद्रप्रयाग: 27 दुर्घटनाएं, 33 मौतें
• पौड़ी: 31 दुर्घटनाएं, 22 मौतें
• देहरादून: 326 दुर्घटनाएं, 172 मौतें
• हरिद्वार: 296 दुर्घटनाएं, 217 मौतें
• नैनीताल: 207 दुर्घटनाएं, 120 मौतें
• उधम सिंह नगर: 305 दुर्घटनाएं, 216 मौतें
• अल्मोड़ा: 23 दुर्घटनाएं, 13 मौतें
• पिथौरागढ़: 29 दुर्घटनाएं, 32 मौतें
• चंपावत: 17 दुर्घटनाएं, 12 मौतें
• बागेश्वर: 12 दुर्घटनाएं, 12 मौतें
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर अभी काफी सुधार की आवश्यकता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​Uttarakhand Weather: दीपावली पर मैदानों में शुष्क मौसम, पहाड़ों में बारिश और ठंड का अलर्ट

Uttarakhand Sthapna Diwas 2026: धामी सरकार राज्य आंदोलनकारियों को देगी बड़ी सौगात, नियुक्तियों और पेंशन की अड़चन होगी दूर

Uttarakhand Weather Update: दीपावली पर पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के आसार, देहरादून समेत मैदानी इलाकों में रहेगा मौसम शुष्क

​Harak Singh Rawat Rape Case: 23 साल पुराने दुष्कर्म मामले में पूर्व मंत्री की बढ़ीं मुश्किलें, पुलिस ने दिए जांच के आदेश

Uttarakhand News: धामी सरकार का बड़ा फैसला! शैय्याग्रस्त राज्य आंदोलनकारियों को हर महीने मिलेंगे 20 हजार रुपये, सहायक की भी होगी व्यवस्था

Amit Shah Uttarakhand Visit: उत्तराखंड में अमित शाह ने फूंका 2027 चुनाव का बिगुल, BJP का मिशन 65 पार; कांग्रेस पर साधा निशाना

Leave a Comment