रायवाला की ग्रामसभा में स्थित आडवाणी कॉलोनी इस समय गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रही है। लगातार हो रही तेज बारिश और भूमिगत जल स्रोतों के फूटने से कॉलोनी में पानी भर गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि करीब 200 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं।
पंप लगे लेकिन पानी का दबाव ज्यादा
जल निकासी के लिए प्रशासन ने तीन मोटर पंप मौके पर लगाए हैं, लेकिन पानी का बहाव और गति इतनी तेज है कि यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। पानी लगातार जमीन से निकलकर कॉलोनी की गलियों और घरों में भरता जा रहा है।
SDRF को बुलाया गया
ग्राम प्रधान सागर गिरी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF को सूचना दी। इसके बाद गुरुवार सुबह SDRF की टीम कॉलोनी में पहुंच गई है और अब लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
2023 की स्थिति फिर दोहराने का डर
स्थानीय लोग इस हालात से दहशत में हैं क्योंकि अगस्त 2023 में भी बिल्कुल ऐसी ही स्थिति बनी थी। तब SDRF की टीम को बोट की मदद से करीब दो दर्जन परिवारों को निकालना पड़ा था। दो महीने तक लगातार पंप चलाकर पानी निकाला गया था। उस दौरान 23 मकान पूरी तरह जलमग्न हो गए थे और घरों का सामान व खाद्य सामग्री नष्ट हो गई थी। अब फिर से वैसा ही मंजर लौटने का खतरा मंडरा रहा है।
समतलीकरण और जल स्रोत बनी समस्या
जानकारी के मुताबिक, टिहरी बांध विस्थापन कार्यों के दौरान करीब तीन वर्ष पहले आडवाणी कॉलोनी के ऊपरी हिस्से की पहाड़ी का समतलीकरण किया गया था। यहां रौलाकोट गांव के 109 परिवारों को बसाने की योजना बनी। इस दौरान बड़े पैमाने पर खनन कर भू-संरचना बदल दी गई। इसके बाद हर बरसात में नए जल स्रोत फूटने लगे हैं, जो नीचे की तरफ स्थित आडवाणी कॉलोनी में भर जाते हैं।
भौगोलिक स्थिति भी चुनौती
आडवाणी कॉलोनी कटोरानुमा गहरी घाटीनुमा क्षेत्र में बसी है। यहां बरसाती पानी की निकासी का कोई स्थायी प्रबंध नहीं है। ऐसे में जब भी बारिश होती है या प्राकृतिक जल स्रोत फूटते हैं, कॉलोनी पूरी तरह पानी में डूब जाती है और लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं।
अब लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन और SDRF मिलकर जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू करें, ताकि 2023 जैसी त्रासदी को दोहराने से रोका जा सके।
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