देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के लिए 14 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन देवभूमि के दौरे पर रहेंगे, जहाँ वे करोड़ों की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता इसका 12 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर है, जिसे एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जा रहा है। लोकार्पण के साथ ही पीएम मोदी प्रसिद्ध मां डाटकाली मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और देहरादून के महिंद्रा ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
एशिया के सबसे लंबे ग्रीन कॉरिडोर का खुलेगा द्वार
दिल्ली से देहरादून की दूरी को समेटने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल सफर का समय कम करेगा, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण का एक अनूठा उदाहरण भी पेश करेगा। राजाजी नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरने वाले इस मार्ग पर गणेशपुर से डाटकाली मंदिर तक 12 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड बनाया गया है।
यह कॉरिडोर इसलिए खास है क्योंकि इसके नीचे से वन्यजीव निर्बाध रूप से आवाजाही कर सकेंगे, जबकि ऊपर गाड़ियाँ दौड़ेंगी। प्रधानमंत्री खुद इस तकनीक और निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। NHAI के सूत्रों के अनुसार, लोकार्पण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और सुरक्षा की दृष्टि से 13 अप्रैल से मोहंड एलिवेटेड रोड पर यातायात को डायवर्ट कर पुराने मार्ग से भेजा जाएगा।
मां डाटकाली मंदिर में दर्शन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सिद्धपीठ मां डाटकाली मंदिर में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। चूंकि यह मंदिर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित है, इसलिए दोनों राज्यों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से कमान संभाले हुए हैं।
- सुरक्षा ऑडिट: यूपी पुलिस और एनएसजी (NSG) की टीमों ने मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया है।
- आस्था का केंद्र: मान्यता है कि दून घाटी में प्रवेश करने से पहले मां डाटकाली का आशीर्वाद लेना अनिवार्य है। नए वाहनों की पूजा के लिए यह मंदिर पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्ध है।
- प्रोटोकॉल: पीएम मोदी मंदिर में अखंड ज्योति के दर्शन करेंगे और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लेंगे।
कैसा रहेगा प्रधानमंत्री का पूरा कार्यक्रम?
14 अप्रैल को प्रधानमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार: - आगमन: पीएम मोदी हेलीकॉप्टर के जरिए सहारनपुर के गणेशपुर पहुंचेंगे।
- निरीक्षण: वहां से वे अपनी कार के काफिले के साथ एलिवेटेड रोड (ग्रीन कॉरिडोर) का निरीक्षण करते हुए देहरादून की ओर बढ़ेंगे।
- रोड शो का अहसास: एक्सप्रेसवे से उतरकर प्रधानमंत्री का काफिला आईएसबीटी (ISBT), जीएमएस रोड और कैनाल रोड होते हुए करीब 14.1 किलोमीटर का सफर तय करेगा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।
- जनसभा: गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में पीएम मोदी एक भव्य जनसभा को संबोधित करेंगे, जहाँ वे उत्तराखंड के विकास से जुड़ी कई अन्य घोषणाएं भी कर सकते हैं।
मां डाटकाली मंदिर का गौरवशाली इतिहास
इस मंदिर का इतिहास जितना आध्यात्मिक है, उतना ही रोचक भी है। यह माता सती के नौ शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मंदिर से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा 1936 की है, जब अंग्रेज दून घाटी में प्रवेश के लिए सुरंग (डाट) बना रहे थे।
कहा जाता है कि इंजीनियर कर्नल कैटवे को सुरंग बनाने में बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा था। तब माता ने उन्हें स्वप्न में दर्शन दिए और मंदिर निर्माण का आदेश दिया। कर्नल ने मंदिर बनवाया और मां काली की प्रतिमा स्थापित की, जिसके बाद सुरंग का काम बिना किसी अड़चन के पूरा हो गया। तब से इस मंदिर को ‘डाटकाली’ के नाम से जाना जाता है।
विकास और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ़्तार
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर मात्र 2.5 से 3 घंटे का रह जाएगा। यह उत्तराखंड के पर्यटन, तीर्थाटन और आर्थिक विकास के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। पीएम मोदी का यह दौरा न केवल बुनियादी ढांचे के विकास पर मुहर लगाएगा, बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी वैश्विक पटल पर मजबूती देगा।
निष्कर्ष:
14 अप्रैल का यह दौरा उत्तराखंड के कनेक्टिविटी मानचित्र को बदलने वाला है। एक्सप्रेसवे का लोकार्पण विकास की नई इबारत लिखेगा, तो मां डाटकाली के दर्शन प्रधानमंत्री की ‘विकास भी, विरासत भी’ की नीति को और सुदृढ़ करेंगे।








