देहरादून में बांग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी को लेकर पुलिस सतर्क हो गई है। पिछले चार दिनों में 10 बांग्लादेशी नागरिकों को विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया गया है, जिससे शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के नेटवर्क का खुलासा हो रहा है।
मंगलवार को पटेलनगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में यह पुष्टि हुई कि वे सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं। इसके बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके देश डिपोर्ट कर दिया गया। इससे पहले 18 मई को क्लेमेनटाउन इलाके की एक निर्माणाधीन इमारत में काम कर रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया था। इनमें एक महिला और चार पुरुष शामिल थे।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि इनमें से कुछ घुसपैठियों ने न केवल फर्जी आधार कार्ड बनवाए हैं, बल्कि वर्षों से विभिन्न ठेकेदारों के साथ काम करते हुए भारत में रह रहे हैं। एक मामले में तो एक व्यक्ति ने वैध दस्तावेजों का सहारा लेकर भारत में स्थायी निवास तक बना लिया था।
चौंकाने वाली बात यह है कि कई बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत के विभिन्न राज्यों में विवाह भी कर लिया है, जिससे उन्हें नागरिकता से जुड़े दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो गए। पुलिस को आशंका है कि इस पूरी गतिविधि के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो न केवल इन्हें भारत लाने का काम करता है, बल्कि उन्हें फर्जी दस्तावेज भी मुहैया कराता है।
देहरादून पुलिस ने सभी थाना क्षेत्रों में सत्यापन अभियान तेज कर दिया है और बस्तियों व निर्माण स्थलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियां भी इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जो भी लोग इन अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।





