सहरसा/पटना | दून प्राइम न्यूज़
बिहार के सहरसा जिले से एक ऐसी रूहकपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने समाज और कानून व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ के ‘स्टार ईंट भट्ठा’ के संचालक मु. आवेश करणी उर्फ चुन्नू मुखिया के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खुला है। आरोपी पर नाबालिग लड़कियों और महिला मजदूरों के शारीरिक शोषण, छेड़खानी और हथियारों के बल पर दहशत फैलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चुन्नू मुखिया और उसके मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गोलीकांड ने खोला ‘पाप का घड़ा’
इस वीभत्स मामले का खुलासा तब हुआ जब बीते शनिवार की रात ईंट भट्ठे पर काम करने वाली एक महिला मजदूर ने संचालक की गलत हरकतों का विरोध किया। विरोध से आगबबूला होकर चुन्नू मुखिया ने फायरिंग कर दी, जिसमें महिला मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गई।
जब पुलिस घायल महिला का बयान दर्ज करने अस्पताल पहुंची, तो परत-दर-परत वह सच्चाई सामने आई जिसने सहरसा पुलिस के भी होश उड़ा दिए। पुलिस की मौजूदगी देख भट्ठे पर काम करने वाले अन्य मजदूरों का साहस बढ़ा और उन्होंने उस नर्क की कहानी सुनाई, जिसे वे सालों से खामोशी से सह रहे थे।
बंदूक की नोंक पर अय्याशी और शोषण
मजदूरों के अनुसार, चुन्नू मुखिया का खौफ इतना था कि कोई उसके खिलाफ मुंह खोलने की हिम्मत नहीं करता था। आरोप है कि वह नाबालिग लड़कियों को बंदूक की नोंक पर डराकर रात के अंधेरे में किसी अज्ञात स्थान पर ले जाता था और उनके साथ गलत काम करता था।
सोशल मीडिया पर आरोपी का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह सोफे पर बैठकर सिगरेट पी रहा है और उसके सामने एक लड़की डांस कर रही है। पुलिस इस वीडियो की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि उसके “अय्याशी के अड्डों” का पता लगाया जा सके।
7 नाबालिग बच्चियां मुक्त, रोंगटे खड़े कर देने वाली गवाही
पुलिस ने भट्ठे पर छापेमारी कर 7 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू (मुक्त) कराया है। इन बच्चियों की काउंसलिंग और मेडिकल जांच कराई गई है। बच्चियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें डरा-धमका कर कहाँ ले जाया जाता था और उनके साथ क्या-क्या दुर्व्यवहार होता था।
मजदूरों ने बताया कि वे पिछले 6 सालों से यहाँ काम कर रहे थे। शुरुआत में सब ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे चुन्नू मुखिया ने अपना असली रंग दिखाना शुरू किया। वह महिलाओं के साथ सरेआम छेड़खानी करता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था।
अपराध का पुराना इतिहास: दर्ज हैं 33 मामले
चुन्नू मुखिया कोई साधारण अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर 1995 से अब तक 33 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें पुलिस टीम पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने जैसा दुस्साहसिक मामला भी शामिल है। वह इलाके में अपनी दबंगई और दहशत के लिए कुख्यात रहा है। हाल ही में एक राजनीतिक दल के विधायक प्रत्याशी के साथ भी उसका विवाद चर्चा में रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी चुन्नू मुखिया और उसके मुंशी अमित कुमार के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं:
- महिला थाना: पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और छेड़खानी की धाराओं में मामला दर्ज।
- सदर थाना: आर्म्स एक्ट (हथियार रखने और चलाने) के तहत प्राथमिकी दर्ज। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मजदूरों में दहशत, घर वापसी की गुहार
इस घटना के बाद ईंट भट्ठे पर काम करने वाले पुरुष और महिला मजदूर बेहद डरे हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें सुरक्षित उनके घर भेजा जाए। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
निष्कर्ष
सहरसा का यह मामला अमेरिका के कुख्यात जेफरी एपस्टीन केस की याद दिलाता है, जहाँ रसूख और ताकत के दम पर बच्चियों का शोषण किया जाता था। बिहार पुलिस अब इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भी तलाश कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।











