देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हाल ही में किए गए कैबिनेट विस्तार के बाद अब मंत्रियों के विभागों का आधिकारिक बँवारा कर दिया गया है। इस पुनर्गठन में सबसे चौंकाने वाला फैसला स्वास्थ्य विभाग को लेकर लिया गया है। कद्दावर नेता सुबोध उनियाल को प्रदेश का नया स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है, जबकि अब तक इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाल रहे धन सिंह रावत से यह विभाग वापस ले लिया गया है।
सत्ता के गलियारों में हलचल: क्यों बदला गया विभाग?
उत्तराखंड सरकार के इस कदम को शासन व्यवस्था में कसावट लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। धन सिंह रावत लंबे समय से स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे भारी-भरकम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि, सूत्रों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने और पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए मुख्यमंत्री ने सुबोध उनियाल के अनुभव पर भरोसा जताया है।
सुबोध उनियाल: छात्र राजनीति से ‘कद्दावर मंत्री’ तक का सफर
सुबोध उनियाल का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। उनकी राजनीति की नींव उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इलाहाबाद यूनिवर्सिटी) में पड़ी, जहाँ से उन्होंने छात्र राजनीति के गुर सीखे।
- कांग्रेस से शुरुआत: उनियाल ने अपने आधिकारिक राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी।
- पहली चुनावी जीत: साल 2002 में उन्होंने पहली बार नरेंद्रनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुँचे।
- भाजपा में आगमन: साल 2016 उत्तराखंड की राजनीति का टर्निंग पॉइंट था, जब सुबोध उनियाल ने कांग्रेस का दामन छोड़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ थाम लिया।
अनुभवी प्रशासक के रूप में पहचान
भाजपा में शामिल होने के बाद सुबोध उनियाल का कद लगातार बढ़ता गया। 2017 के विधानसभा चुनाव में नरेंद्रनगर से दोबारा जीत दर्ज करने के बाद उन्हें तत्कालीन त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। उस दौरान उन्होंने कृषि, रेशम विकास, और बागवानी जैसे विभागों को कुशलतापूर्वक संभाला।
2022 के चुनावों में हैट्रिक लगाने के बाद, धामी सरकार में उन्हें वन विभाग जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया। वर्तमान में उनके पास वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग पहले से ही हैं। अब ‘स्वास्थ्य’ जैसा संवेदनशील विभाग जुड़ने से सरकार में उनका वर्चस्व और अधिक बढ़ गया है।
चुनौतियों भरा होगा नया पोर्टफोलियो
एक कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में सुबोध उनियाल के सामने अब स्वास्थ्य विभाग की पुरानी चुनौतियों से निपटने का टास्क होगा। उत्तराखंड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य में:
- पहाड़ी जिलों में डॉक्टरों की कमी दूर करना।
- मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के अस्पतालों में बुनियादी ढांचे का विकास।
- आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करना।
- चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना।
धन सिंह रावत की भूमिका
स्वास्थ्य विभाग वापस लिए जाने के बावजूद धन सिंह रावत कैबिनेट के महत्वपूर्ण सदस्य बने रहेंगे। उनके पास उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा जैसे अहम विभाग बने रह सकते हैं। सरकार का यह कदम मंत्रियों के कार्यभार को संतुलित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभागों के इस फेरबदल के जरिए साफ संकेत दे दिया है कि वह ‘परफॉर्मेंस’ और ‘अनुभव’ को प्राथमिकता दे रहे हैं। सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य विभाग की कमान मिलना उनके बढ़ते राजनीतिक कद का प्रमाण है। अब देखना यह होगा कि उनियाल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में क्या नया परिवर्तन लेकर आते हैं।






