अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

देहरादून में मौसम बदलने से सर्दी, जुकाम-बुखार का हमला हुआ तेज,जानिए कैसे करें बचाव

On: February 25, 2022 5:21 AM
Follow Us:

फरवरी का महीना बीतने को है लकिन  उत्तराखंड में अभी तक कड़ाके की ठंड पड़ रही थी. अब धीरे-धीरे मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया है. ठंड जा रही है तो गर्मी दस्तक दे रही है. मौसम के करवट लेते ही अब दून मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. सुबह से ही लोग सर्दी, खांसी-जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. वहीं विशेषज्ञों ने मरीजों का उपचार करने के बाद ठंड से बचाव के भी उपाय दिए हैं.

मौसम में हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है. इस कारण दून अस्पताल में खांसी-जुकाम एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. अस्पताल की ओपीडी में इस समय आने वाले मरीजों में आधे से ज्यादा सर्दी-जुकाम और एलर्जी के मरीज पहुंच रहे हैं. ओपीडी में मरीजों की संख्या भी पहले की तुलना में बढ़ गई है. दून अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर एनएस खत्री ने बताया कि इस बार अस्पताल प्रबंधन ने कोविड-19 की तीसरी लहर में अस्पताल को पूरी तरह से बंद नहीं किया है.

यह भी पढ़े – बड़ी खबर : रूसी सैनिकों की गंदी हरकत, यूक्रेन की महिलाओं को भेज रहे है अश्लील मैसेज, स्क्रीनशॉट हुआ वायरल 

उन्होंने कहा कि और अस्पताल की टाइमिंग चेंज करके थोड़ा कम कर दिया गया. उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों से सामान्य मरीजों के लिए पूरी ओपीडी खोल दी गई है और ओपीडी में मरीजों की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है. डॉक्टर खत्री ने बताया कि अस्पताल ओपीडी में प्रतिदिन 1000 से अधिक मरीज अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि अस्पताल में हर तरह के मरीज अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं. विशेषकर मौसम बदलने से खांसी-जुकाम और एलर्जी की शिकायत लेकर मरीज डॉक्टर के पास अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं.

सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है. बदलते मौसम में नियमित योग करना चाहिए. मौसम बदलते समय खांसी एवं फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. अगर इस दौरान लापरवाही की तो ये बुखार का रूप भी ले सकता है. इससे पीड़ित मरीज को रोजाना भाप लेने के साथ नमक को  गुनगुने पानी में मिलाकर  गरारे करना चाहिए. खानपान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

बदलता मौसम हमेशा अपने साथ कुछ बीमारियां लेकर आता है. इसका एक कारण ऋतु परिवर्तन होता है तो दूसरा हमारा खानपान भी बड़ा कारण होता है. बदलते मौसम के दौरान अपने शरीर को उसमें ढालने के लिए आसानी से पचने वाले भोजन करने चाहिए. फास्ट फूड से इस दौरान परहेज करना चाहिए. तले-भुने खाने को भी अपने भोजन में जगह नहीं देनी चाहिए. ऋतु परिवर्तन के समय हल्का भोजन करना चाहिए.

मौसम बदलने के दिनों में सबसे अच्छा भोजन मूंग की खिचड़ी है. मूंग सबसे आसानी से पचती है. इसमें फाइबर भी होता है. इसकी तासीर ठंडी होती है. रात को भारी भोजन करने की जगह सब्जियों का गर्मा-गरम सूप पीना चाहिए. दिन में सलाद अच्छा भोजन है. पपीता, सेब, अनार और जो भी मौसमी फल मिलें वो खाएं. दिन में नारियल पानी भी शरीर को शक्ति देता है. दिन में एक या दो बार नींबू की शिकंजी भी पी सकते हैं.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

देहरादून के नए जिलाधिकारी आईएएस डॉ. आशीष चौहान मुख्य कोषागार में कार्यभार ग्रहण करते हुए

देहरादून को मिला नया प्रशासनिक नेतृत्व: IAS डॉ. आशीष चौहान ने संभाला जिलाधिकारी का कार्यभार, सविन बंसल भेजे गए सचिवालय

Dehradun Premnagar students clash and hostel fight crime news update

देहरादून के प्रेमनगर में छात्रों के बीच खूनी संघर्ष: हॉस्टल में घुसकर युवक के सिर पर प्रेशर कुकर से किया जानलेवा हमला, हालत नाजुक

देहरादून की सड़क पर वाहनों की आवाजाही और डिजिटल बोर्ड पर 100 से ऊपर दिखता एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) और मास्क पहने लोग।

देहरादून में गर्मी का सितम: पारा चढ़ते ही हांफने लगी दून की आबोहवा, AQI 100 के पार

देहरादून स्कूल सेक्स रैकेट छापेमारी पुलिस कार्रवाई

देहरादून के पॉश इलाके में सनसनी: स्कूल परिसर में चल रहा था सेक्स रैकेट, छापेमारी में तीन युवतियां मुक्त, एक HIV पॉजिटिव!

* पुलिस की गिरफ्त में आरोपी जयेश नंदवाना और घायल परिवार के सदस्य

शादी से इनकार का खौफनाक बदला: राजस्थान से देहरादून पहुँचा ‘सनकी’ प्रेमी, घर में घुसकर माँ-बेटी और भाई पर चाकू से किया जानलेवा हमला

मसूरी की माल रोड पर ओलावृष्टि के बाद बिछी सफेद चादर और छाता लेकर चलते लोग

उत्तराखंड में मौसम का तांडव: अप्रैल में दिसंबर जैसी ठंड, देहरादून-मसूरी में भारी ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित

Leave a Comment