देहरादून, उत्तराखंड:
राजधानी देहरादून की शांत वादियों में छात्रों के बीच बढ़ती गुटबाजी और खूनी संघर्ष ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। प्रेम नगर में हुए हालिया हत्याकांड के बाद देहरादून पुलिस अब आर-पार के मूड में नजर आ रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर शहर के शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टल और पीजी (PG) संचालकों के लिए एक नया ‘कमांडमेंट’ जारी किया गया है। अब रात 10 बजे के बाद बिना किसी ठोस कारण के सड़कों पर घूमने वाले छात्रों के खिलाफ न केवल सख्त कार्रवाई होगी, बल्कि इसकी जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज और हॉस्टल मालिक की भी तय की जाएगी।
प्रेम नगर हत्याकांड के बाद जागा प्रशासन
देहरादून के प्रेम नगर और सेलाकुई इलाकों में हाल के दिनों में छात्रों के बीच बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसी के मद्देनजर, पुलिस ने अब ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ पर जोर देना शुरू किया है। मंगलवार रात को पुलिस ने शहर भर में एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें रात के अंधेरे में बेवजह सड़कों पर मटरगश्ती कर रहे 116 संदिग्धों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। इन सभी से कड़ी पूछताछ की गई और अंतिम चेतावनी देकर छोड़ा गया। पुलिस का साफ संदेश है कि अब रातें केवल पढ़ाई और आराम के लिए हैं, हुड़दंग के लिए नहीं।
कॉलेज और हॉस्टल संचालकों की बढ़ी मुश्किलें
पुलिस ने इस बार केवल छात्रों को ही निशाने पर नहीं लिया है, बल्कि उन संस्थानों पर भी शिकंजा कसा है जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। बुधवार को सेलाकुई और प्रेम नगर पुलिस ने माया यूनिवर्सिटी और ईकफाई (ICFAI) यूनिवर्सिटी जैसे बड़े संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
पुलिस द्वारा जारी मुख्य निर्देश:
- डाटा संकलन: सभी कॉलेज और हॉस्टल संचालकों को अपने यहां रहने वाले प्रत्येक छात्र का पूरा विवरण (नाम, पता, अभिभावक का नंबर) तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराना होगा।
- 10 बजे की डेडलाइन: हॉस्टल संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि रात 10 बजे के बाद कोई भी छात्र परिसर से बाहर न निकले।
- संयुक्त जिम्मेदारी: यदि कोई छात्र कानून-व्यवस्था बिगाड़ता है या किसी संदिग्ध गतिविधि में पाया जाता है, तो छात्र के साथ-साथ हॉस्टल संचालक और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ भी कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सड़कों पर चेकिंग का ‘महाअभियान’
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के नेतृत्व में दून पुलिस ने नगर से लेकर देहात तक सघन चेकिंग अभियान छेड़ दिया है। मंगलवार और बुधवार की रात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई।
कार्रवाई के आंकड़े:
- नशे में ड्राइविंग: शराब के नशे में वाहन चला रहे 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- वाहन सीज: नशे में धुत चालकों के 45 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
- कुल जांच: अभियान के दौरान 1118 वाहनों की सघन तलाशी ली गई।
- सत्यापन: 800 से अधिक लोगों को रोककर उनके सत्यापन संबंधी पूछताछ की गई।
पुलिस की अपील: छात्र भविष्य पर ध्यान दें, गुटबाजी पर नहीं
थाना सेलाकुई और प्रेमनगर पुलिस ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए उन्हें अपराध और नशे की दुनिया से दूर रहने की सलाह दी। पुलिस का कहना है कि देहरादून एक एजुकेशन हब है और यहां देश-दुनिया से छात्र अपना भविष्य बनाने आते हैं। लेकिन कुछ छात्र गुटबाजी और आपराधिक प्रवृत्तियों में शामिल होकर न केवल अपना भविष्य खराब कर रहे हैं, बल्कि शहर की शांति भी भंग कर रहे हैं।
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“छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, लेकिन अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हॉस्टल और पीजी संचालकों को अब जवाबदेह बनना होगा। यदि वे अपने परिसर के छात्रों पर नियंत्रण नहीं रख सकते, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।” – प्रमेन्द्र डोबाल, SSP देहरादून








