देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दहेज के लालच और मानसिक प्रताड़ना ने एक होनहार महिला अधिकारी की जान ले ली। उरेडा (UREDA) में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर तैनात राजेश्वरी ने ससुरालियों के तानों और पति द्वारा तलाक के दबाव से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति, जो आरबीआई (RBI) में कार्यरत है, समेत परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विवाह के बाद से ही शुरू हो गया था प्रताड़ना का दौर
जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश के आईडीपीएल निवासी राजेश्वरी का विवाह 7 दिसंबर 2022 को देहरादून के वसंत विहार स्थित आशीर्वाद एन्क्लेव निवासी पीयूष सिंह के साथ हुआ था। पीयूष भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में लिपिक के पद पर तैनात है। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष ने राजेश्वरी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।
मृतका की बहन शकुंतला द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, राजेश्वरी की सास आशा रानी, जेठ सत्यप्रिया सिंह, जेठानी अंकिता और जेठ का बेटा दैविक मिलकर उसे लगातार दहेज को लेकर ताने देते थे। इतना ही नहीं, पति पीयूष अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और उसे जान से मारने की धमकियां भी देता था।
गहने और दस्तावेज किए कब्जे में, तलाक का बनाया दबाव
आरोप है कि ससुराल पक्ष ने राजेश्वरी के स्त्रीधन पर पूरी तरह कब्जा कर लिया था। शादी के दौरान मिले गहने, बच्चों के कीमती उपहार और यहाँ तक कि राजेश्वरी के महत्वपूर्ण शैक्षिक दस्तावेज (Documents) भी पति और ससुराल वालों ने अपने पास रख लिए थे। मृतका की बहन ने बताया कि जब भी राजेश्वरी अपने गहने वापस मांगती, पीयूष उसे तलाक देने की धमकी देता था।
हाल ही में जब राजेश्वरी के छोटे भाई की शादी तय हुई, तब उसने अपने जेवर वापस मांगे ताकि वह समारोह में पहन सके। लेकिन पीयूष ने साफ कह दिया कि वह गहने तभी वापस करेगा जब राजेश्वरी उसे तलाक दे देगी। वह लगातार अपनी मां और भाई के उकसावे में आकर राजेश्वरी पर तलाक के लिए दबाव बना रहा था।
पौड़ी से देहरादून तबादले के बाद बढ़ी मुश्किलें
राजेश्वरी पहले पौड़ी में तैनात थी और उस दौरान सुरक्षा के लिहाज से अपने बच्चों को ऋषिकेश स्थित मायके में रखती थी। हाल ही में उसका तबादला देहरादून हुआ, जिसके बाद आरोपी पति और ससुराल वाले उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले आए। मायके वालों को उम्मीद थी कि शायद अब हालात सुधर जाएंगे, लेकिन वहां प्रताड़ना का सिलसिला और भी गंभीर हो गया।
पंखे से लटका मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच
5 अप्रैल की सुबह ससुराल पक्ष ने राजेश्वरी के मायके वालों को फोन कर सूचना दी कि उसने कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली है। इस खबर के बाद मायके में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत देहरादून पहुंचे और वसंत विहार थाने में तहरीर दी।
थानाध्यक्ष वसंत विहार, अशोक राठौर ने बताया कि:
“मृतका की बहन की शिकायत पर पति पीयूष सिंह, सास आशा रानी, जेठ सत्यप्रिया सिंह, जेठानी अंकिता और जेठ के बेटे के खिलाफ संबंधित धाराओं में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच क्षेत्राधिकारी (CO City) को सौंपी गई है।”
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समाज के लिए एक गंभीर सवाल
एक सरकारी अधिकारी, जो समाज को ऊर्जा के क्षेत्र में नई दिशा देने का काम कर रही थी, का इस तरह दहेज की भेंट चढ़ जाना कई सवाल खड़े करता है। उच्च शिक्षित परिवारों में भी दहेज का दानव किस तरह जड़ें जमाए हुए है, यह घटना उसका जीता-जागता प्रमाण है। फिलहाल पुलिस साक्ष्यों को जुटाने में लगी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- मृतका: राजेश्वरी (प्रोजेक्ट मैनेजर, उरेडा)।
- आरोपी: पीयूष सिंह (पति, आरबीआई क्लर्क) व 4 अन्य।
- स्थान: आशीर्वाद एन्क्लेव, वसंत विहार, देहरादून।
- आरोप: दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गहने और दस्तावेज हड़पना, आत्महत्या के लिए उकसाना।
- जांच: सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस की कार्रवाई जारी।







