अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

चाइनीज मांझे के कारण हर साल हो रहे हैं कई हादसे,जानिए क्यों है इस पर रोक लगाना जरूरी

On: February 10, 2022 6:47 PM
Follow Us:

चाइनीज मांझे के कारण हर साल हो रहे हैं कई हादसे,जानिए क्यों है इस पर रोक लगाना जरूरी

आपने बचपन में पतंगे तो बहुत उड़ाई होंगी, लेकिन क्या कभी मांझे से घायल हुए है? ऐसे ही कई लोग चाइनीज मांझे के चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। भारत में ऐसी कई घटनाएं सामने आ रही हैं। आपको बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली में बाइक सवार एक युवक की गर्दन और अंगूठा कट गया। ऐसे ही बीते दिनों उदयपुर में भी दर्दनाक घटना में एक पिता बाइक पर जा रही उसकी 5 साल की बच्ची की गर्दन मांझे की चपेट में आकर कट गई। उस मासूम बच्ची की जान बचाने के लिए उसकी गर्दन पर 36 टांके लगाने पड़े।

देश में मानसून के आने की साथ ही पतंग उड़ाने का चलन भी शुरू हो जाता है। जो मकर संक्रांति के दिन तक लगातार चलता रहता है। दिल दहला देने वाली बात यह है कि पतंग उड़ाने में इस्तेमाल किए जाने वाले चाइनीस मांझे से कई लोग घायल हो रहे हैं तो कई लोग मौत का शिकार हो रहा है। लेकिन बड़ा सवाल तो यह है कि अगर दिल्ली हाईकोर्ट ने इस चाइनीस मांझे पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है तो फिर बाजार में इसकी धड़ाधड़ बिक्री कैसे हो रही है।

दरअसल पतंग में इस्तेमाल किए जाने वाले इस चाइनीस मांझे को बनाने में घातक रसायनों का प्रयोग किया जाता है, जो इंसानों के लिए तो खतरनाक है ही साथ ही आसमान में उड़ रहे मासूम पक्षियों की जान के लिए भी खतरनाक साबित होता है। इस चाइनीस मांझे को बनाने में डेगचुन के बुरादे की परत चढ़ाई जाती है, जो कि शरीर पर तुरंत घाव कर देती है। ज्यादातर इस मांझे से बाइक सवारों की गर्दन कटने का खतरा अधिक होता है। मांझे को बनाने में शीशे का भी प्रयोग किया जाता है, जिससे आसानी से कोई भी घायल हो सकता है।  

यह भी पढ़े-   हड़ताल पर बैठे ऊर्जा निगम के 3500 से ज्यादा कर्मचारी, देहरादून में बिजलीघरों पर लटके ताले पढ़िए पूरी खबर 

कई बार पतंग कटने के बाद मांझा पेड़ों पर रह जाता है जो कई बार पक्षी के लिए मौत का सबब बन जाता है। ऐसे ही कई बार मांझा बिजली के तारों में फस जाता है जिससे पतंग उड़ा रहे बच्चों को करंट लग सकता है। सवाल यह है कि यदि चाइनीज मांझो पर पहले ही प्रतिबंध लग चुका है तो इसकी बिक्री हो कैसी रही है? दरअसल बाजार में मिलने वाले सभी मांजे घातक है लेकिन चाइनीज मांझा इन सभी के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है। पतंग कारोबारियों ने बताया कि देसी मांझो के मुकाबले चाइनीस मांझा सस्ता और मजबूत होता है। बता दे कि भारत में करीब 8-9 साल पहले यह मांझा आया था। इसे बेहद कम समय में ही लोग पसंद करने लगे। हालांकि चाइनीस मांजू पर प्रतिबंध है लेकिन कई लोग इसे चोरी छुपे भेजते हैं। सरकार को इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना चाहिए।

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए  यहां क्लिक करें, साथ ही और भी Hindi News ( हिंदी समाचार ) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें. व्हाट्सएप ग्रुप को जॉइन करने के लिए  यहां क्लिक करें,

Share this story

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए झामुमो की प्रेस कॉन्फ्रेंस और प्रत्याशियों की सूची का प्रदर्शन।

असम विधानसभा चुनाव: कांग्रेस से गठबंधन की उम्मीदें खत्म, झामुमो ने जारी की 21 प्रत्याशियों की पहली सूची

नेपाल के खोटांग में एयर डायनेस्टी हेलीकॉप्टर क्रैश, बचाव अभियान और घायल यात्री की फोटो।

नेपाल में बड़ा विमान हादसा टला: शव लेकर जा रहा एयर डायनेस्टी का हेलीकॉप्टर लैंडिंग के दौरान क्रैश, बाल-बाल बचे यात्री

दिल्ली के साध नगर में चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग के बाद बचाव कार्य में जुटे दमकलकर्मी और पुलिस बल।

दिल्ली के साध नगर में भीषण अग्निकांड: एक ही परिवार के 7 लोगों की दर्दनाक मौत, खुशियां मातम में बदलीं

भारतीय डाक विभाग की 24 घंटे में सुपरफास्ट पार्सल डिलीवरी सेवा का प्रतिनिधित्व करता एक डिलीवरी बॉय।

भारतीय डाक का बड़ा दांव: अब 24 घंटे में पहुंचेगा पार्सल, सिंधिया ने लॉन्च कीं 3 नई ‘सुपरफास्ट’ सेवाएं

धनबाद में पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के बीच मुठभेड़ का दृश्य; क्षतिग्रस्त पुलिस वाहन और घायल अपराधियों का रेस्क्यू।

धनबाद में पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के बीच भीषण मुठभेड़: दो शूटरों को लगी गोली, एक का पैर टूटा; भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

विधानसभा चुनाव 2026 तारीखों का इन्फोग्राफिक; असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल के लिए मतदान और मतगणना की जानकारी।

विधानसभा चुनाव 2026: 5 राज्यों में चुनावी बिगुल बजा, जानें आपके राज्य में कब होगा मतदान और क्या हैं नई पहल

Leave a Comment