ऋषिकेश: उत्तराखंड की शांत वादियों और योग नगरी के रूप में विख्यात ऋषिकेश से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के आईडीपीएल (IDPL) क्षेत्र में स्थित होटल नवरंग में पुलिस ने देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित हो रहे एक हाई-प्रोफाइल कैसिनो का पर्दाफाश किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कर्तव्यहीनता के आरोप में पूरी आईडीपीएल पुलिस चौकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आधी रात को पड़ा छापा, मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि आईडीपीएल क्षेत्र के इस होटल में महानगरों की तर्ज पर अवैध जुआ और कैसिनो का काला कारोबार फल-फूल रहा है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को मिली सटीक गोपनीय सूचना के बाद एक विशेष रणनीति तैयार की गई।
जब पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल नवरंग की घेराबंदी कर छापेमारी की, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। होटल के भीतर बाकायदा कैसिनो टेबल सजी हुई थीं और बड़े पैमाने पर दांव लगाए जा रहे थे। पुलिस की दस्तक होते ही वहां मौजूद जुआरियों और संचालकों में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने पिछले दरवाजे से भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
महानगरों की तर्ज पर बुलाया गया था ‘ग्लैमर’
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि छापेमारी के दौरान न केवल भारी मात्रा में नकदी और जुए के उपकरण बरामद हुए, बल्कि पुलिस ने वहां से कई महिलाओं को भी हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि इन महिलाओं को विशेष रूप से दिल्ली और अन्य महानगरों से बुलाया गया था, ताकि कैसिनो को एक ‘प्रोफेशनल और ग्लैमरस’ लुक दिया जा सके।
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यहाँ आने वाले ग्राहक केवल स्थानीय नहीं थे, बल्कि बाहर से भी रईसजादे इस अवैध कैसिनो का लुत्फ उठाने ऋषिकेश पहुँच रहे थे। होटल के कमरों में शराब और शबाब के साथ जुए का यह खेल पूरी रात चलता था।
खाकी पर गिरी गाज: पूरी चौकी सस्पेंड
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा एक्शन पुलिस विभाग के भीतर ही देखने को मिला है। ऋषिकेश जैसे संवेदनशील इलाके में, पुलिस चौकी के नाक के नीचे इतना बड़ा अवैध कैसिनो चलना स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा था।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने माना कि यह स्थानीय पुलिस की मिलीभगत या घोर लापरवाही का परिणाम है। इसी के चलते आईडीपीएल पुलिस चौकी के प्रभारी सहित तमाम कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
एसएसपी के इस कड़े रुख से जिले के अन्य पुलिस थानों और चौकियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
40 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने इस छापेमारी के बाद कुल 40 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इनमें होटल प्रबंधन, कैसिनो संचालक, जुआरी और अन्य सहयोगी शामिल हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह रैकेट कब से चल रहा था और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
मुख्य बरामदगी और कार्रवाई:
- होटल: नवरंग (IDPL क्षेत्र)
- आरोपी: 40 लोगों पर केस दर्ज।
- बरामदगी: कैसिनो टोकन, भारी नकदी, ताश की गड्डियां और शराब।
- प्रशासनिक एक्शन: पूरी आईडीपीएल चौकी सस्पेंड।
देवभूमि की साख पर बट्टा लगाने वालों की खैर नहीं
ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। ऐसे में यहाँ कैसिनो कल्चर का पनपना स्थानीय निवासियों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ था। एसएसपी डोबाल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की मर्यादा और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह अपराधी हो या खुद विभाग का कोई कर्मचारी।
फिलहाल, पुलिस होटल नवरंग के रिकॉर्ड्स खंगाल रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले कुछ दिनों में यहाँ कौन-कौन से रसूखदार लोग आए थे। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।







