इंदौर | विशेष संवाददाता मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के पॉश इलाके बृजेश्वरी एनेक्स में शनिवार सुबह एक ऐसी त्रासदी हुई जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक घर में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट और ब्लास्ट ने देखते ही देखते पूरे हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। इस भीषण आग की चपेट में आने से अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
घटना का विवरण: मौत बनकर आई सुबह
मिली जानकारी के अनुसार, घटना बृजेश्वरी एनेक्स स्थित व्यवसायी मनोज पुगलिया के निवास पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह के वक्त जब इलाके के लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक जोर का धमाका हुआ। घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर चार्ज हो रही थी, जिसमें संभवतः ओवरहीटिंग या शॉर्ट सर्किट की वजह से विस्फोट हुआ।
आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि घर के मुख्य द्वार को अपनी चपेट में ले लिया। घर के अंदर पॉलीमर व्यवसाय से जुड़ा कच्चा माल और ज्वलनशील केमिकल रखे होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थिति तब और भयावह हो गई जब घर में रखे 10 से अधिक गैस सिलेंडरों ने एक-एक कर फटना शुरू कर दिया। धमाकों की गूंज से पूरी कॉलोनी दहल उठी।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया, “शुरुआती जांच से स्पष्ट है कि आग इलेक्ट्रिक गाड़ी की चार्जिंग के दौरान शुरू हुई थी। घर के मालिक मनोज पुगलिया का पॉलीमर का कारोबार था, जिसके चलते घर में ज्वलनशील केमिकल और भारी मात्रा में गैस सिलेंडर रखे हुए थे। सिलेंडरों में हुए धमाकों ने आग को बुझाने के प्रयासों को और भी मुश्किल बना दिया।”
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फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक घर के अंदर मौजूद सात लोग दम तोड़ चुके थे। रेस्क्यू टीम ने बहादुरी दिखाते हुए ऊपरी मंजिल पर फंसे तीन लोगों—सौरभ, सुनीता और सोनिल—को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतकों की सूची: बुझ गए सात चिराग
इस हादसे में मारे गए लोगों की पहचान हो गई है, हालांकि सातवें व्यक्ति के नाम की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है:
- मनोज पुगलिया (मकान मालिक)
- सिमरन
- विजय सेठिया
- सुमन सेठिया
- राशि
- छोटू सेठिया
- (सातवें व्यक्ति की पहचान अभी स्पष्ट होना बाकी है)
स्थानीय लोगों का आक्रोश और दर्द
पड़ोसियों का कहना है कि जैसे ही चीख-पुकार मची, लोग मदद के लिए दौड़े। बाल्टियों से पानी डालने की कोशिश की गई, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी घर के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। स्थानीय निवासी राहुल शर्मा ने बताया, “सिलेंडरों के फटने की आवाजें ऐसी थीं जैसे युद्ध छिड़ गया हो। हम चाहकर भी अपनों को नहीं बचा पाए।”
EV सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और आवासीय क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण (Storage) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद कमरों या संकरे रास्तों वाले घरों में EV चार्ज करना और साथ में भारी मात्रा में गैस सिलेंडर रखना एक ‘टाइम बम’ की तरह साबित हुआ।
मुख्य बिंदु जिन पर जांच केंद्रित है:
- क्या EV चार्जर में कोई तकनीकी खराबी थी?
- क्या घर में केमिकल और सिलेंडरों का भंडारण कानूनी रूप से वैध था?
- रिहायशी इलाके में व्यावसायिक माल रखने के सुरक्षा मानक क्या थे?
निष्कर्ष: सावधानी ही बचाव है
बृजेश्वरी एनेक्स की यह घटना एक सबक है कि छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी तबाही ला सकती है। प्रशासन ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। पूरे इंदौर में इस समय शोक की लहर है और लोग प्रभावित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।








