मार्कापुरम (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। मार्कापुरम के पास रायवरम क्षेत्र में एक निजी ट्रेवल्स की बस और बजरी से लदे एक टिपर (डंपर) के बीच हुई भीषण टक्कर के बाद बस में भयंकर आग लग गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 14 लोगों के जिंदा जलने की पुष्टि हुई है, जबकि 18 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
तेज रफ्तार और धमाके के साथ लगी आग
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार निजी ट्रेवल्स की बस रायवरम के पास स्लैब क्वारी (पत्थर की खदान) क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे बजरी से लदे एक टिपर लॉरी से बस की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और कुछ ही पलों में बस के डीजल टैंक में विस्फोट के साथ आग लग गई।
आग ने देखते ही देखते पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस के भीतर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर से लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन भीषण गर्मी और धुएं के कारण बस के करीब जाना मुश्किल हो गया।
14 यात्रियों की दर्दनाक मौत, 18 घायल
मार्कापुरम के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) नागराजू ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस दर्दनाक हादसे में लगभग 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। ये सभी यात्री आग की चपेट में आने के कारण जिंदा जल गए। राहत बचाव दल ने अब तक करीब 18 घायलों को बस से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस का कहना है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि माना जा रहा है कि बस के मलबे के भीतर अभी भी कुछ शव फंसे हो सकते हैं। आग बुझने के बाद अब क्रेन और गैस कटर की मदद से बस के ढांचे को काटकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शव पूरी तरह झुलस चुके हैं, जिससे उनकी शिनाख्त करना बेहद मुश्किल हो गया है। डीएसपी नागराजू ने कहा, “हमारी प्राथमिकता फिलहाल घायलों को बेहतर उपचार दिलाना और मृतकों की पहचान स्थापित करना है। हम बस ऑपरेटर से यात्रियों की सूची (Manifest) ले रहे हैं ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके। सत्यापन की
प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर नाम जारी किए जाएंगे।”
मुख्यमंत्री नायडू ने जताया गहरा शोक
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में कोई कमी न छोड़ी जाए और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है और अधिकारियों से हादसे की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर दौड़ने वाली प्राइवेट बसों की सुरक्षा और तेज रफ्तार पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्लैब क्वारी वाले इस क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, ऐसे में तेज रफ्तार अक्सर जानलेवा साबित होती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या दुर्घटना बस ड्राइवर की लापरवाही से हुई या टिपर की तकनीकी खराबी इसका कारण थी।
बचाव कार्य जारी
फिलहाल घटनास्थल पर आपातकालीन सेवाएं, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौजूद हैं। मार्ग पर यातायात को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती घायलों में से कुछ की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च उपचार के लिए बड़े शहर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
सावधानी: इस खबर की जानकारी शुरुआती रिपोर्ट्स पर आधारित है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है।










