नई दिल्ली | 20 मार्च, 2026
दुनिया भर में मंडरा रहे युद्ध के बादलों का असर अब सीधे भारतीय आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष और ईरान द्वारा खाड़ी देशों की तेल सुविधाओं को निशाना बनाए जाने के बाद, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल ने घरेलू बाजार में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने लंबे समय के बाद पेट्रोल की कीमतों में संशोधन की शुरुआत कर दी है।
प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में ₹2 से ज्यादा की बढ़ोतरी
तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार, 20 मार्च 2026 से देश के विभिन्न शहरों में प्रीमियम पेट्रोल ब्रांडों की कीमतों में ₹2.09 प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। इसमें विशेष रूप से HPCL का ‘पावर’ (Power), IOCL का ‘XP95’ और BPCL का ‘स्पीड’ (Speed) जैसे ब्रांडेड ईंधन शामिल हैं।
इस बढ़ोतरी के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत बढ़कर 103.92 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि महाराष्ट्र के पुणे में यह आंकड़ा 113.77 रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल ‘नॉर्मल’ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक स्थिति नहीं सुधरी, तो सामान्य ईंधन के दाम भी जल्द बढ़ सकते हैं।
कच्चे तेल का $100 के पार जाना बना बड़ी चुनौती
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं। इस उछाल का मुख्य कारण ईरान और पड़ोसी देशों के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। हाल ही में कुवैत की बड़ी रिफाइनरी पर हुए ड्रोन हमले और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर मंडराते खतरे ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड में इस हफ्ते करीब 5% की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि अमेरिका ने तेल की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास शुरू किए हैं और जापान व यूरोपीय देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए मदद की पेशकश की है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता का माहौल बरकरार है।
क्यों महंगा हुआ सिर्फ प्रीमियम पेट्रोल?
प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल अक्सर हाई-परफॉर्मेंस इंजन वाली कारों और स्पोर्ट्स बाइक्स में किया जाता है। तेल कंपनियां अक्सर लागत का बोझ कम करने के लिए सबसे पहले प्रीमियम सेगमेंट में कीमतें बढ़ाती हैं।
- बेहतर इंजन लाइफ: प्रीमियम ईंधन में ऑक्टेन संख्या अधिक होती है, जो इंजन की ‘नॉकिंग’ कम करती है।
- ज्यादा माइलेज: इसके एडिटिव्स इंजन की सफाई और बेहतर माइलेज सुनिश्चित करते हैं। लेकिन, मिडिल क्लास के लिए चिंता यह है कि प्रीमियम ईंधन की महंगाई अक्सर सामान्य ईंधन की कीमतों में होने वाली भावी वृद्धि का संकेत होती है।
देश के प्रमुख राज्यों में नॉर्मल पेट्रोल की ताजा दरें (20 मार्च 2026)
नीचे दी गई तालिका में आप देख सकते हैं कि आज आपके राज्य में सामान्य पेट्रोल किस भाव पर बिक रहा है:
| राज्य | कीमत (प्रति लीटर) | राज्य | कीमत (प्रति लीटर) |
|---|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | ₹109.31 | मध्य प्रदेश | ₹107.45 |
| तेलंगाना | ₹108.90 | पश्चिम बंगाल | ₹106.72 |
| बिहार | ₹106.95 | केरल | ₹106.08 |
| महाराष्ट्र | ₹104.64 | राजस्थान | ₹104.36 |
| कर्नाटक | ₹103.62 | तमिलनाडु | ₹102.18 |
| ओडिशा | ₹102.63 | उत्तर प्रदेश | ₹94.53 |
| दिल्ली | ₹94.77 | हरियाणा | ₹95.91 |
| गुजरात | ₹94.49 | उत्तराखंड | ₹93.64 |
| पंजाब | ₹98.29 | झारखंड | ₹98.38 |
| असम | ₹98.81 | छत्तीसगढ़ | ₹102.45 |
भविष्य की राह: क्या और बढ़ेंगे दाम?
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली कोई भी उथल-पुथल सीधे घरेलू कीमतों को प्रभावित करती है। यदि ईरान और पश्चिम एशिया में संघर्ष और गहराता है, तो आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो सकता है, जिससे फल, सब्जी और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी महंगाई (Inflation) देखने को मिल सकती है।
फिलहाल, केंद्र सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों से तेल आपूर्ति बहाल होगी, ताकि आम जनता पर महंगाई का और बोझ न पड़े।
डिस्क्लेमर: उपरोक्त दरें विभिन्न शहरों के डीलरों और तेल कंपनियों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित हैं। स्थानीय करों और वैट (VAT) के कारण कीमतों में मामूली अंतर संभव है।











