Uttarakhand Sanitation Workers: उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों यानी पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाने की दिशा में जल्द बैठक आयोजित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों के योगदान और मेहनत का सम्मान करती है तथा उनके हितों को लेकर संवेदनशील है। यह घोषणा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को देहरादून नगर निगम में महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई। हालांकि, मानदेय में कितनी बढ़ोतरी होगी और नया भुगतान कब से लागू होगा, इस बारे में अभी आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
जल्द होगी मानदेय बढ़ाने पर बैठक
उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग लंबे समय से उठती रही है। शहरों की सफाई व्यवस्था को सुचारु रखने में अहम भूमिका निभाने वाले पर्यावरण मित्रों के वेतन और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानदेय बढ़ाने को लेकर जल्द बैठक करने की बात कही है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार सफाई कर्मचारियों के परिश्रम और योगदान को महत्व देती है। प्रस्तावित बैठक में विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय से संबंधित विषय पर विचार किया जाएगा। इसके बाद ही बढ़ोतरी की राशि और लागू होने की समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
Read: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले की तैयारी, 2 नवंबर तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया
फिलहाल कर्मचारियों को यह देखना होगा कि सरकार की ओर से बैठक कब आयोजित की जाती है और उसके बाद क्या निर्णय लिया जाता है। अभी किसी निश्चित नई दर की घोषणा नहीं हुई है।
Uttarakhand Sanitation Workers: महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव कार्यक्रम में की घोषणा
मुख्यमंत्री धामी देहरादून नगर निगम में आयोजित महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए उनके जीवन, विचारों और रामायण के संदेशों को याद किया। कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों के कल्याण और समाज में समानता तथा सम्मान की भावना को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके ज्ञान, कर्म और समाज के प्रति योगदान से होती है। उन्होंने सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी वर्गों को समान अवसर देने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान मिले और विकास की प्रक्रिया में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो। कार्यक्रम में देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे।
सफाई व्यवस्था में पर्यावरण मित्रों की अहम भूमिका
सफाई कर्मचारी शहरों और कस्बों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए रोजाना काम करते हैं। सड़कों की सफाई, कचरे का संग्रह, सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना और कई अन्य जिम्मेदारियां उनके कार्य का हिस्सा हैं। इसके बावजूद मानदेय, नियमित रोजगार, सुरक्षा उपकरण और बेहतर कार्य परिस्थितियों जैसे मुद्दे अक्सर सामने आते हैं।
ऐसे में उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव उनके आर्थिक हितों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यदि सरकार इस दिशा में निर्णय लेती है, तो कर्मचारियों की आय में सुधार हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ बढ़ोतरी की राशि, पात्र कर्मचारियों की श्रेणी और आदेश लागू होने की तारीख पर निर्भर करेगा।
कर्मचारी संगठनों की ओर से समय-समय पर मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ नियमितीकरण, रिक्त पदों पर भर्ती और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगें भी उठाई जाती रही हैं।

पहले भी उठ चुके हैं मानदेय और नियमितीकरण के मुद्दे
उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों के मानदेय को लेकर पहले भी कई स्तरों पर चर्चा हुई है। अप्रैल 2026 में देहरादून नगर निगम की बोर्ड बैठक में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का दैनिक मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। यह निर्णय नगर निगम के दायरे में आने वाले कर्मचारियों से संबंधित था।
वहीं, विभिन्न विभागों और अन्य व्यवस्थाओं के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के मानदेय और सेवा शर्तों को लेकर अलग-अलग मांगें सामने आती रही हैं। इसलिए मुख्यमंत्री की ताजा घोषणा को पूरे प्रदेश में लागू होने वाली नई दर के रूप में तभी देखा जा सकेगा, जब सरकार की ओर से संबंधित निर्णय और आधिकारिक आदेश जारी होगा।
शिक्षा, समानता और सामाजिक कल्याण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता तथा समानता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि रामायण में सत्य, कर्तव्य, त्याग और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया गया है। इन आदर्शों को अपनाकर समाज में सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
धामी ने यह भी कहा कि सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से काम कर रही है। शिक्षा, छात्रवृत्ति, आवास और रोजगार से जुड़े अवसरों को बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अब सरकारी फैसले पर टिकी कर्मचारियों की नजर
उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद अब अगला कदम प्रस्तावित बैठक और उसके निर्णय से जुड़ा है। कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मानदेय में कितनी वृद्धि होगी, किन विभागों के कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा और नया भुगतान कब से शुरू होगा।
सरकार की ओर से इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल मुख्यमंत्री की घोषणा ने मानदेय बढ़ने की उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन इसे लागू करने के लिए अंतिम निर्णय और संबंधित आदेश का इंतजार करना होगा।
स्रोत:
Hindustan
+3
प्रकाशन नोट: मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाने पर जल्द बैठक करने की बात कही है। नई दर या लागू होने की तारीख की पुष्टि आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही करें।





