देहरादून। उत्तराखंड में किन्नरों द्वारा त्योहारों, शादी-ब्याह, गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के दौरान लोगों को बद्दुआ देने की धमकी देकर की जाने वाली अवैध वसूली पर अब पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। इस गंभीर सामाजिक समस्या के समाधान के लिए पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर के सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
संयुक्त नागरिक संगठन के प्रतिनिधिमंडल की पहल पर अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेशन से मुलाकात हुई। संगठन ने किन्नरों की असामाजिक गतिविधियों को लेकर चिंता जताई और इस पर नियंत्रण की मांग की। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षकों के साथ ही सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक करें और 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
संगठन के सचिव सुशील त्यागी ने बताया कि इस विषय को लेकर 27 मई को जिलाधिकारी सविन बंसल को ज्ञापन सौंपा गया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट ने संबंधित थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जबरन वसूली की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करें।
पुलिस अब आम नागरिकों को यह सुविधा भी दे रही है कि वे ऐसे मामलों में किसी प्रकार की डर या झिझक महसूस किए बिना आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके आधार पर आवश्यकतानुसार एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
इस पहल को लेकर संगठन के सदस्यों चौधरी ओमवीर सिंह, चंद्रगुप्त विक्रम प्रकाश नागिया, मुकेश नारायण शर्मा, प्रदीप कुकरेती, एल.आर. कोठियाल, अवधेश शर्मा आदि ने प्रशासन की सक्रियता की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे आमजन को राहत मिलेगी।
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