Uttarakhand Election Commission Action: विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग का बड़ा प्रहार, 4 नेताओं पर 3 साल का बैन - Doonprimenews
अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

Uttarakhand Election Commission Action: विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग का बड़ा प्रहार, 4 नेताओं पर 3 साल का बैन

On: August 27, 2026 9:34 AM
Follow Us:

​Uttarakhand Election Commission Action के तहत भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने एक कड़ा संदेश देते हुए उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के चार पूर्व प्रत्याशियों पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10क के तहत यह कार्रवाई की है।

​इस आदेश के प्रभावी होने के साथ ही ये चारों नेता अगले तीन वर्षों तक संसद, राज्य विधानसभा या विधान परिषद के किसी भी सदन के लिए चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह अयोग्य हो गए हैं।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

​3 साल के लिए अयोग्य: जानिए Uttarakhand Election Commission Action में शामिल नेताओं के नाम

​भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिकारिक आदेश में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के चार प्रत्याशियों पर गाज गिरी है:

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

  • ​रामानन्द सिंह (चकराता अ.ज.जा. क्षेत्र): ग्राम ऐठान, त्यूनी (देहरादून) के निवासी रामानन्द सिंह को 3 साल के लिए निरर्हित किया गया है।
  • ​बलबीर कुमार तलवार (धर्मपुर क्षेत्र): प्रीत विहार, माजरा (देहरादून) निवासी बलबीर कुमार को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया गया है।
  • ​कमलेश माथुर (राजपुर रोड अ.जा. क्षेत्र): लाडपुर, रायपुर रोड (देहरादून) निवासी कमलेश माथुर पर भी तीन साल का बैन लगा है।
  • ​जगजीत सिंह (ऋषिकेश क्षेत्र): चंद्रेश्वर मार्ग, मायाकुंड (ऋषिकेश) निवासी जगजीत सिंह को भी इसी अवधि के लिए अयोग्य ठहराया गया है।

​लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 10क के तहत हुई कार्रवाई

​Uttarakhand Election Commission Action का मुख्य आधार चुनावी खर्च का लेखा-जोखा सही समय पर न जमा करना या नियमों का उल्लंघन करना माना जाता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10क के तहत आयोग के पास यह अधिकार है कि यदि कोई उम्मीदवार तय समय-सीमा के भीतर अपने चुनावी खर्चों का सही ब्योरा देने में विफल रहता है, तो उसे तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

​यह बैन जारी होने की तिथि से अगले तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिससे इन नेताओं का आगामी राजनीतिक भविष्य संकट में पड़ गया है।

​आगामी चुनावों से पहले अन्य प्रत्याशियों के लिए सख्त चेतावनी

​चुनाव आयोग की इस अचानक हुई सख्त कार्रवाई से राज्य के अन्य राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों में हड़कंप मच गया है। Uttarakhand Election Commission Action यह स्पष्ट करता है कि चुनावी नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​आयोग ने सभी भावी प्रत्याशियों को निर्देश दिया है कि वे चुनावी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा उन्हें भी इस प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

ALSO READ THIS:Nepal Bhote Koshi Flood Disaster: नेपाल-चीन सीमा पर भयानक बाढ़ का कहर, 270 शव बरामद और 300 भारतीयों समेत 1500 लापता

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Congress leaders and party workers hold a bike rally in Dehradun demanding justice in the Ankita Bhandari murder case and an investigation into the alleged VIP connection.

Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता को न्याय दिलाने के लिए देहरादून में कांग्रेस की बाइक रैली, कथित VIP को लेकर सरकार पर साधा निशाना

Uttarakhand minister Rekha Arya and Congress leaders amid the controversy involving allegations of domestic violence and corruption.

Rekha Arya Controversy: रेखा आर्या विवाद पर कांग्रेस का धामी सरकार से सवाल, भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग!

​Rekha Arya Hospitalized: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अचानक तबीयत बिगड़ी, देहरादून के अस्पताल में कराया गया भर्ती

अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस का देहरादून में उग्र प्रदर्शन, राजभवन घेराव के दौरान हरक सिंह रावत समेत कई नेता हिरासत में

​Youtuber Atif Suicide: रुड़की के गेस्ट हाउस में पंखे से लटका मिला मशहूर कंटेंट क्रिएटर का शव

​देवप्रयाग में दर्दनाक हादसा: अनियंत्रित होकर 100 फीट गहरी खाई में गिरी कार, दो की मौत और तीन गंभीर

Leave a Comment