Uttarakhand Congress Nyay Yatra: उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने के लिए उत्तराखंड न्याय यात्रा शुरू की है। इस यात्रा के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को भी प्रमुखता से उठाया है।
Uttarakhand Congress Nyay Yatra के जरिए कांग्रेस का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनना और भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना है। पार्टी ने यात्रा को चार अलग-अलग दलों के माध्यम से शुरू किया, जिनका नेतृत्व वरिष्ठ नेता कर रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा कांग्रेस के इस अभियान को राजनीतिक कदम बताते हुए इसकी आलोचना कर चुकी है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस की न्याय यात्रा में अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मामले से जुड़े सवालों और कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रही मांगों पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस प्रकरण में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग भी दोहराई है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। पार्टी इस मुद्दे को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।
हालांकि, मामले से संबंधित आरोपों और जांच के विषयों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है। कांग्रेस का कहना है कि न्याय यात्रा के माध्यम से वह पीड़ित परिवार की मांगों और जनता की चिंताओं को सामने लाना चाहती है।
चार दलों में निकाली जा रही न्याय यात्रा
Uttarakhand Congress Nyay Yatra की शुरुआत 22 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों से हुई। कुमाऊं क्षेत्र में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में यात्रा निकाली गई। अल्मोड़ा के गोलज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद दल रानीखेत, खैरना, भवाली और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचा।
गढ़वाल क्षेत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बदरीनाथ धाम में पूजा के बाद यात्रा शुरू हुई। यह दल जोशीमठ, पीपलकोटी और चमोली सहित विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचा।
देहरादून में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद यात्रा निकाली गई। वहीं, हरिद्वार क्षेत्र में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और अन्य नेताओं के नेतृत्व में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए। यात्रा के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर जनता से संवाद कर रहे हैं।
बेरोजगारी और पलायन पर भाजपा सरकार को घेरा
न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में रोजगार के अवसरों और पहाड़ी क्षेत्रों से हो रहे पलायन को लेकर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि युवाओं को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे राज्यों की ओर जाना पड़ रहा है। कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और पेयजल सुविधाओं की स्थिति में सुधार की जरूरत भी बताई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। पार्टी का दावा है कि यात्रा के जरिए इन मुद्दों को गांव-गांव और विधानसभा स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
इसके अलावा महंगाई, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा जा रहा है। ये सभी मुद्दे कांग्रेस के जनसंपर्क अभियान का हिस्सा हैं।
लालकुआं में यशपाल आर्य ने उठाए जनहित के मुद्दे
न्याय यात्रा के दौरान लालकुआं पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बेरोजगारी, पलायन, अपराध और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। आर्य ने जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने न्याय की मांग दोहराई।
भाजपा ने न्याय यात्रा को बताया राजनीतिक अभियान
कांग्रेस की न्याय यात्रा को लेकर भाजपा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इससे पहले यात्रा की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक पाखंड बताया था। भाजपा का कहना है कि राज्य सरकार विकास के लिए काम कर रही है और जनता कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति को समझती है।
इस तरह न्याय यात्रा को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इसे जनता के अधिकारों और समस्याओं को उठाने का अभियान बता रही है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश मान रही है।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी हलचल
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले न्याय यात्रा कांग्रेस के लिए जनसंपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है। पार्टी की योजना अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय समस्याओं को सुनने और सरकार को घेरने की है। आने वाले दिनों में यात्रा के तहत अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।
Uttarakhand Congress Nyay Yatra का राजनीतिक असर कितना होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल इस अभियान ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, बेरोजगारी, पलायन और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों को लेकर राज्य की राजनीति में बहस तेज कर दी है।






