उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लागू होने की वर्षगांठ के अवसर पर मंगलवार को पूरे प्रदेश में ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ मनाया जाएगा। इस खास मौके पर राजधानी देहरादून में भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
देहरादून के निम्बूवाला स्थित संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सोमवार को गृह सचिव शैलेश बगौली, आईजी निवेदिता कुकरेती और जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मंच, सभागार, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, बैठक प्रबंध, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, परिवहन, पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम समय पर, सुव्यवस्थित और गरिमामय तरीके से संपन्न कराया जाए।
इस अवसर पर गृह सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य है, जो प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि यूसीसी ने सामाजिक समानता, न्याय और सुशासन को मजबूत आधार प्रदान किया है। सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होने से राज्य में पारदर्शिता और एकरूपता को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। साथ ही अतिथियों के स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष दिशा-निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर सचिव गृह एवं कारागार तृप्ति भट्ट, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
यूसीसी दिवस पर 27 जनवरी को पूर्वाह्न 11 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें बार काउंसिल एवं स्थानीय बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों में विधि शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक भाग लेंगे।
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में आयोजित वाद-विवाद, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम को और अधिक सहभागितापूर्ण बनाने के उद्देश्य से मौके पर ही क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा।






