देहरादून: मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी के कारण मसूरी की ओर पर्यटकों का सैलाब उमड़ रहा है। लेकिन सैर-सपाटे की यह योजना देहरादून-मसूरी मार्ग पर लगे भारी ट्रैफिक जाम के चलते सैलानियों की परेशानी का कारण बन गई है। करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में चार से साढ़े चार घंटे तक का समय लग रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
जाम ने बिगाड़ी पर्यटकों की छुट्टियां, पुलिस-प्रशासन की व्यवस्थाएं नाकाम
मसूरी की ओर जाने वाले रास्तों पर घंटों जाम लगने के कारण सैलानियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा जाम से निपटने के प्रयास पूरी तरह से विफल साबित हो रहे हैं। खासकर किंक्रेग से मसूरी लाइब्रेरी चौक के बीच का महज दो किलोमीटर का सफर तय करने में पर्यटकों को दो से ढाई घंटे लग रहे हैं।
पर्यटन सीजन में शटल सेवा के दावे हवा हुए
जिला प्रशासन ने पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए शटल सेवा की व्यवस्था का दावा किया था, लेकिन इन सेवाओं की जमीनी हकीकत बेहद निराशाजनक रही। सड़कों पर जाम की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्पष्ट है कि प्रशासन की योजनाएं न केवल अपर्याप्त हैं, बल्कि वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई ही नहीं गईं।
धनोल्टी, कैंपटी रोड और यमुनोत्री रूट पर भी बुरा हाल
केवल मसूरी ही नहीं, धनोल्टी, कैंपटी फॉल और यमुनोत्री मार्ग पर भी यातायात पूरी तरह ठप है। कैंपटी फॉल की ओर जाने वाले मार्ग पर हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं, वहीं यमुनोत्री यात्रा पर जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। इसके चलते यहां निकलने में ही डेढ़ से दो घंटे लग रहे हैं।
मसूरी के होटल फुल, कमरे न मिलने से पर्यटक परेशान
मसूरी में अधिकांश होटल और गेस्ट हाउस फुल बुक हैं, जिससे पर्यटक इधर-उधर भटकते नजर आए। कई लोगों को मजबूरन वापस लौटना पड़ा, लेकिन लौटते वक्त भी उन्हें जाम से निजात नहीं मिली। कंपनी गार्डन, गनहिल, मसूरी झील, लाल टिब्बा और माल रोड जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों पर भी गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं।
हरिद्वार रोड पर भी ट्रैफिक का कहर, चार किमी में डेढ़ घंटे
देहरादून शहर के भीतर भी हरिद्वार मार्ग पर लंबा जाम लगा रहा। जोगीवाला से रिस्पना पुल और अजबपुर फ्लाईओवर तक महज चार किलोमीटर की दूरी तय करने में एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग रहा है। हाईवे से आने वाला ट्रैफिक शहर की भीतरी सड़कों पर दबाव बढ़ा रहा है, जिससे स्थानीय लोग भी परेशानी में हैं।
बसों की भारी कमी, सैलानी धूप में खड़े इंतजार करते रहे
मसूरी जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन की स्थिति भी बेहद खराब है। पर्वतीय बस अड्डे पर पर्यटकों को चार से पांच घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा। परिवहन विभाग द्वारा बसों की संख्या बढ़ाने के दावे भी जमीनी हकीकत में नहीं बदले। जिन बसों को मसूरी भेजा गया, वे खुद जाम में फंस गईं।
दिल्ली-NCR व उत्तर भारत से उमड़ी भीड़, लेकिन नहीं हैं पर्याप्त इंतजाम
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, हरियाणा और पंजाब से बड़ी संख्या में सैलानी मसूरी का रुख कर रहे हैं, लेकिन न तो पर्याप्त पार्किंग है, न ही भीड़ नियंत्रण की कोई प्रभावी योजना। ऐसे में पर्यटन विभाग और प्रशासन दोनों की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निष्कर्ष: मसूरी की सैर बनी मुसीबत, जाम से निजात के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी
गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की रानी मसूरी पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह यात्रा एक थकाऊ और झुंझलाहट भरा अनुभव बनती जा रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल प्रभाव से ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, और सार्वजनिक परिवहन की सेवाओं को दुरुस्त करे, ताकि सैलानियों का भरोसा बहाल हो सके।





