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दून से मसूरी की ऊंचाइयों तक, रोपवे बनाएगा रास्ता आसान

On: May 15, 2025 9:20 AM
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उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना अब आकार लेने लगी है। पर्यटन के लिहाज़ से बेहद अहम इस परियोजना का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। देहरादून के पास स्थित पुरकुल गांव में रोपवे का लोअर टर्मिनल बन चुका है और अब दूसरी मंज़िल का कार्य शुरू हो गया है। वहीं मसूरी के गांधी चौक में अपर टर्मिनल का निर्माण कार्य भी आरंभ हो चुका है। सड़क मार्ग से मसूरी पहुंचने में जहां दो से तीन घंटे का समय लगता है, वहीं इस अत्याधुनिक रोपवे के जरिए यह सफर केवल 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

पर्यटन सीजन में देहरादून से मसूरी तक भारी ट्रैफिक जाम और पार्किंग की दिक्कतें आम बात हैं। इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने के उद्देश्य से उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना की नींव रखी। मसूरी स्काइवार कंपनी को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। यह रोपवे न सिर्फ यात्रा को छोटा और सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम होगा।

रोपवे का लोअर टर्मिनल पुरकुल गांव में बनाया जा रहा है, जहां 10 मंज़िला विशाल पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। यहां एक साथ दो हज़ार से अधिक वाहनों की पार्किंग की जा सकेगी। साथ ही, पर्यटकों के लिए कैफेटेरिया, शौचालय और विश्राम स्थल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं। वहीं मसूरी टर्मिनल तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग (एप्रोच रोड) भी तैयार कर लिया गया है।

यह रोपवे परियोजना केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की भी सबसे बड़ी रोपवे परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। कुल 26 टावरों में से 11 की नींव डाली जा चुकी है और शेष पर कार्य जारी है। यह रोपवे देहरादून और मसूरी के बीच की 33 किमी की दूरी को घटाकर महज 5.5 किमी कर देगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो वर्ष 2026 के अंत तक यह सपना साकार हो जाएगा और पर्यटन को एक नई उड़ान मिलेगी।

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