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मेरठ में दहशत: युवक ने छात्राओं और राहगीरों पर फरसे से बोला हमला, एक की मौत, कई घायल; आरोपी गिरफ्तार

On: February 18, 2026 10:02 AM
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​मेरठ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मोदीपुरम क्षेत्र में उस वक्त दहशत और चीख-पुकार मच गई, जब एक सिरफिरे युवक ने हाथ में धारदार फरसा लेकर राहगीरों और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं पर अंधाधुंध हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में एक व्यक्ति की गर्दन पर गहरा घाव हुआ है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों के साहस की वजह से आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया, जिससे एक बड़ा नरसंहार होने से टल गया।
​घटना का विवरण: ईशा प्लाईवुड के सामने मचा हड़कंप
​यह पूरी वारदात मोदीपुरम स्थित ईशा प्लाईवुड के सामने वाली सड़क पर घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब सड़क पर सामान्य चहल-पहल थी और पास के स्कूल-कॉलेज से छात्र-छात्राएं घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात व्यक्ति हाथ में एक बड़ा और तेज धार वाला फरसा लेकर वहां पहुंचा। किसी को कुछ समझने का मौका मिलता, उससे पहले ही उसने सामने आने वाले हर शख्स पर वार करना शुरू कर दिया।
​हमलावर पूरी तरह से आपे से बाहर था और वह एक ‘साइको किलर’ की तरह व्यवहार कर रहा था। उसकी आंखों में खून सवार था और वह बिना किसी भेदभाव के वृद्धों, युवाओं और बच्चों को निशाना बना रहा था।
​स्कूल की छात्राएं बनीं आसान निशाना
​इस घटना का सबसे खौफनाक पहलू यह था कि हमलावर ने पास के एक प्रतिष्ठित स्कूल की छात्राओं को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया। जैसे ही छात्राओं का एक समूह वहां से गुजरा, आरोपी ने उन पर फरसा तान दिया। छात्राओं ने अपनी जान बचाने के लिए शोर मचाया और वहां से भागने लगीं। कुछ छात्राओं ने पास की दुकानों में छिपकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि छात्राएं किसी तरह वहां से सुरक्षित निकल गईं, अन्यथा यह घटना एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी।
​गर्दन पर वार और घायलों की स्थिति
​हमलावर के इस तांडव में एक राहगीर की गर्दन पर फरसे का जोरदार प्रहार लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वार इतना गहरा था कि वह व्यक्ति लहूलुहान होकर वहीं सड़क पर गिर पड़ा। उसे तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।
​इसके अलावा, हमले में लगभग आधा दर्जन अन्य लोग घायल हुए हैं। किसी के हाथ में चोट आई है तो किसी के कंधे और पीठ पर वार किया गया है। स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सभी घायलों को मोदीपुरम और मेरठ के विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया है।
​स्थानीय लोगों का साहस: आरोपी को दबोचा
​जब हमलावर अंधाधुंध वार कर रहा था, तब शुरुआत में वहां अफरातफरी और भगदड़ मच गई। लेकिन, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ स्थानीय युवाओं और राहगीरों ने हिम्मत जुटाई। उन्होंने चारों तरफ से घेरकर हमलावर को पत्थर और डंडों के जरिए काबू करने की कोशिश की। अंततः, लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे जमीन पर पटक दिया और उसके हाथ से फरसा छीन लिया।
​पुलिस के पहुंचने तक लोगों ने आरोपी को पकड़कर रखा। हालांकि, गुस्साई भीड़ ने आरोपी की पिटाई भी की, लेकिन मौके पर पहुंची थाना पल्लवपुरम पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और भीड़ से बचाकर थाने ले गई।
​पुलिस की जांच और सुरक्षा पर सवाल
​पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त हो सकता है या किसी गंभीर रंजिश के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया होगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है।
​पुलिस के सामने मुख्य चुनौतियां:
​हमले का मकसद: क्या यह हमला सुनियोजित था या केवल एक सनकी की करतूत?
​हथियार का स्रोत: भीड़भाड़ वाले इलाके में आरोपी इतना बड़ा हथियार लेकर कैसे पहुंच गया?
​पहचान: आरोपी कहां का रहने वाला है और उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं?
​इलाके में दहशत का माहौल
​इस घटना के बाद से मोदीपुरम क्षेत्र में भारी तनाव और दहशत व्याप्त है। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि व्यस्त समय में पुलिस की गश्त न होने के कारण अपराधियों और सिरफिरे लोगों के हौसले बुलंद हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस पिकेट की तैनाती की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
​निष्कर्ष:
मेरठ की यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। एक व्यक्ति का दिनदहाड़े फरसा लेकर निकलना और मासूमों पर हमला करना कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। यदि स्थानीय लोग साहस न दिखाते, तो हताहतों की संख्या दर्जनों में हो सकती थी।

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