देहरादून (लालतप्पड़): उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बार फिर तेज़ रफ़्तार और नशे के जानलेवा मेल ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालतप्पड़ के पास शनिवार देर रात चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर एक अनियंत्रित बीएमडब्ल्यू (BMW) कार काल बनकर टूटी। इस भीषण हादसे में हर्रावाला चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने आरोपी चालक को मौके से ही दबोच लिया है।
आधी रात को हाईवे पर मची चीख-पुकार
घटना शनिवार रात करीब 12:45 बजे की है। डोईवाला कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम लालतप्पड़ बैरियर पर रूटीन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हरिद्वार की दिशा से आ रही एक काले रंग की तेज़ रफ़्तार बीएमडब्ल्यू कार को पुलिस ने रुकने का इशारा किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ़्तार इतनी अधिक थी कि चालक ने रुकने के बजाय सीधे पुलिस बैरिकेड्स में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी हवा में उछलकर दूर जा गिरे।
पुलिसकर्मियों को दोबारा कुचलने की कोशिश
हैरान कर देने वाली बात यह रही कि पहली टक्कर के बाद भी आरोपी चालक नहीं रुका। जब घायल पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो आरोपी ने कार को तेजी से रिवर्स (पीछे) लिया और दोबारा वहां मौजूद जवानों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर कार को चारों तरफ से घेर लिया और नशे में धुत आरोपी को कार से बाहर खींच लिया।
इस अफरा-तफरी के बीच सड़क किनारे खड़े चार अन्य वाहन भी बीएमडब्ल्यू की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
घायलों की स्थिति और अस्पताल में इलाज
कोतवाली प्रभारी प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि इस हमले में तीन पुलिसकर्मी मुख्य रूप से घायल हुए हैं:
- रघुवीर कपरुवाण (चौकी इंचार्ज, हर्रावाला): इनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है।
- मनोज कुमार (ASI, लालतप्पड़ चौकी): शरीर के कई हिस्सों में अंदरूनी चोटें आई हैं।
- गुलशन (सिपाही): इन्हें भी काफी चोटें लगी हैं।
सभी घायलों को तुरंत जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, चौकी इंचार्ज की हालत स्थिर है लेकिन पैर की चोट गंभीर है।
आरोपी की पहचान: बिजनौर का ‘तरुण’ गिरफ्तार
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान तरुण के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर (थाना चौहारा, राजा का ताजपुर) का निवासी है। मेडिकल जांच में पुष्टि हुई है कि आरोपी वारदात के समय अत्यधिक नशे की हालत में था। वह अपनी रईसी और रफ़्तार के नशे में इतना चूर था कि उसे सामने खड़े पुलिसकर्मी भी दिखाई नहीं दिए।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
देहरादून पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और ड्रंक एंड ड्राइविंग (शराब पीकर गाड़ी चलाना) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बीएमडब्ल्यू कार को सीज कर दिया है और आरोपी को जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
निष्कर्ष: क्या रफ़्तार पर लगाम लगेगी?
देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर रात के समय रफ़्तार का यह खेल नया नहीं है। लेकिन इस बार कानून के रखवालों को ही निशाना बनाना यह दर्शाता है कि रईसजादों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में केवल जुर्माना नहीं, बल्कि लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।









