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देहरादून में शुरू होगी एसआईआर प्रक्रिया: दूसरे राज्यों से शादी कर उत्तराखंड आई महिलाओं को लाने होंगे आवश्यक दस्तावेज

On: November 22, 2025 7:37 AM
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देहरादून में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है, जिसके तहत मतदाता सूची से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का अद्यतन और सत्यापन किया जाएगा। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड द्वारा वर्ष 2003 की मतदाता सूची को वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया गया है। इस सूची के आधार पर उन महिलाओं को कुछ दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जो वर्ष 2003 के बाद अन्य राज्यों से विवाह कर उत्तराखंड में आकर बस गई हैं।

दूसरे राज्यों से आई बेटियों को देना होगा मायके का रिकॉर्ड
निर्वाचन विभाग के अनुसार, यूपी सहित कई राज्यों ने भी अपनी वर्ष 2003 की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है। ऐसे में उन महिलाओं को, जिनका नाम 2003 में अपने मायके की वोटर लिस्ट में शामिल था, उसकी जानकारी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान देनी होगी।
यदि किसी महिला का उस समय वोट दर्ज नहीं था, तो उन्हें अपने माता-पिता की उस समय की वोटर लिस्ट का विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह जानकारी एसआईआर फॉर्म में भरकर देनी होगी ताकि मतदाता सूची में सही और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।

मतदाता सूची अभी फ्रीज नहीं, कराया जा सकता है संशोधन
चूंकि उत्तराखंड की वर्तमान मतदाता सूची अभी फ्रीज नहीं हुई है, इसलिए नागरिक अपने नाम, पता या अन्य आवश्यक विवरणों में संशोधन आसानी से करा सकते हैं। एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी मतदाता विवरण सटीक और प्रमाणित हों।

पहले से तैयार रखें दस्तावेज
निर्वाचन विभाग ने सलाह दी है कि जिन महिलाओं ने विवाह के बाद उत्तराखंड में निवास करना शुरू किया है, वे अपने मायके से संबंधित आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें। इससे एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने पर किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
संभावना है कि यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान दिसंबर या जनवरी में उत्तराखंड में औपचारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी संबंधित नागरिकों को मतदाता सूची के अद्यतन से जुड़े कार्यों में हिस्सा लेना होगा।

यह नया निर्देश न केवल मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप रिकॉर्ड समय पर और सही तरीके से अपडेट हो सकें।

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