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हल्द्वानी में सनसनी: पत्नी से विवाद के बाद ठेकेदार ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली, मौके पर ही हुई मौत

On: February 24, 2026 5:31 AM
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हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित चोरगलिया क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ गाजीपुर गांव में रहने वाले एक युवा ठेकेदार ने पारिवारिक कलह के चलते अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सोमवार की देर रात मामूली विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि आवेश में आकर ठेकेदार ने अपनी ही लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और मृतक के परिवार में कोहराम मचा है।
क्या है पूरी घटना?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चोरगलिया के गाजीपुर गांव निवासी 35 वर्षीय कमलेश चंद्र बेलवाल पेशे से ठेकेदार थे और नगर निगम में निर्माण कार्यों के ठेके लेते थे। सोमवार रात घर पर किसी बात को लेकर कमलेश और उनकी पत्नी के बीच अनबन हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद इतना बढ़ गया कि कमलेश गुस्से में आकर अपने कमरे में चले गए।
वहां उन्होंने अलमारी से अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और बिना कुछ सोचे-समझे अपने सिर पर दाईं ओर सटाकर ट्रिगर दबा दिया। गोली इतनी नजदीक से और इतनी शक्तिशाली थी कि वह सिर के दाईं ओर (भेजे) से घुसकर बाईं ओर से बाहर निकल गई। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन कमरे की ओर दौड़े, जहां कमलेश खून से लथपथ हालत में पड़े थे।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
परिजनों ने तत्काल गंभीर रूप से घायल कमलेश को हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल पहुँचाया, लेकिन घाव इतना गहरा था कि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया।
क्षेत्राधिकारी (CO) अमित कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में आत्महत्या का कारण पारिवारिक विवाद ही सामने आ रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और लाइसेंसी हथियार को भी जांच के दायरे में लिया है।
पीछे छूट गई तीन साल की मासूम
कमलेश की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि एक तीन साल की मासूम बच्ची के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कमलेश मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, लेकिन इस आत्मघाती कदम ने सबको चौंका दिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी और क्या पिछले कुछ समय से कमलेश किसी मानसिक तनाव या आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे।
विशेषज्ञों की राय: गुस्से में लिए गए फैसले होते हैं घातक
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि आवेश और क्रोध के क्षणों में इंसान अक्सर सही और गलत का अंतर भूल जाता है। लाइसेंसी हथियारों का घर में होना सुरक्षा के लिए होता है, लेकिन पारिवारिक विवादों के समय ये आत्मघाती भी सिद्ध हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ते तनाव और धैर्य की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच
चोरगलिया थाना पुलिस मामले की हर पहलू से तफ्तीश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल, पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि विवाद की जड़ तक पहुँचा जा सके। नगर निगम के ठेकेदारों और स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने भी कमलेश की असामयिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
एक जरूरी संदेश
जीवन अनमोल है और हर समस्या का समाधान बातचीत से संभव है। यदि आप या आपके परिचित किसी भी तरह के मानसिक तनाव या संकट से गुजर रहे हैं, तो कृपया किसी विश्वसनीय मित्र, परिवार के सदस्य या मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन से संपर्क करें। आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है।

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