Rampur Tiraha Kand: उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में शामिल रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे। उन्होंने शहीद आंदोलनकारियों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया और उनके संघर्ष को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य के लिए आंदोलनकारियों ने अपना जीवन दांव पर लगाया। कई आंदोलनकारियों को लाठी और गोलियां झेलनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि शहीदों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखंड का विकास करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
2 अक्टूबर 1994 को क्या हुआ था?
Rampur Tiraha Kand की घटना 2 अक्टूबर 1994 को हुई थी। उस समय अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारी दिल्ली की ओर कूच कर रहे थे। मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा क्षेत्र में आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पुलिस गोलीबारी में सात आंदोलनकारियों की मौत हुई थी।
यह घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण और पीड़ादायक अध्याय बन गई। रामपुर तिराहा कांड के बाद आंदोलन और तेज हुआ तथा अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारियों के बीच संघर्ष की भावना और मजबूत हुई।
हर वर्ष 2 अक्टूबर को रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित कर आंदोलनकारियों को याद किया जाता है। इस दिन शहीदों के बलिदान को नमन करने के साथ उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास और उसके संघर्षों को भी याद किया जाता है।
शहीद स्मारक पहुंचकर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि
Rampur Tiraha Kand की 32वीं बरसी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शहीद स्मारक पहुंचे। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किया और कुछ देर मौन रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का गठन आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से आंदोलन में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख किया। उनके मुताबिक उत्तराखंड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण के आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कठिन परिस्थितियों का सामना किया।
सीएम ने कहा कि आंदोलनकारियों ने जिस उत्तराखंड की कल्पना की थी, उस दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाना है।
सात शहीदों की स्मृति में प्रतिमा स्थल का शिलान्यास
इस वर्ष Rampur Tiraha Kand की बरसी पर शहीदों की स्मृति से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री ने सात शहीद आंदोलनकारियों के प्रतिमा स्थल का शिलान्यास किया। इसके लिए 27 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई।
शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि दी गई। 2 अक्टूबर को देशभर में गांधी जयंती के साथ-साथ लाल बहादुर शास्त्री जयंती भी मनाई जाती है। ऐसे में रामपुर तिराहा में आयोजित कार्यक्रम में दोनों महान नेताओं को भी याद किया गया।
आंदोलनकारियों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का जिक्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के दौरान राज्य आंदोलनकारियों के हित में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के सम्मान से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। सरकार का कहना है कि राज्य निर्माण आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों और उनके परिवारों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सीएम ने कहा कि आंदोलनकारियों के संघर्ष को केवल स्मारकों और आयोजनों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उनके सपनों के अनुरूप प्रदेश का विकास भी होना चाहिए।
READ: देहरादून में सीएम धामी ने राज्य आंदोलनकारी शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
UCC और नकल विरोधी कानून का भी किया उल्लेख
Rampur Tiraha Kand की बरसी के मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न नीतियों और फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने समान नागरिक संहिता यानी UCC को लागू करने तथा नकल विरोधी कानून जैसे कदमों को सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। उन्होंने अवैध कब्जों और भू-माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का भी जिक्र किया।
उनके अनुसार, अभियान के तहत अब तक लगभग 13 हजार एकड़ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम के दौरान बताए गए सरकारी दावे पर आधारित है।
मतदाता सूची के मुद्दे पर भी सीएम का बयान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के शुद्धीकरण को लेकर उठ रहे सवालों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया नियमों के अनुसार चल रही है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को लेकर की जा रही प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भ्रम पैदा नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इसे निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत चलने वाली कवायद बताया।
शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने का संकल्प
Rampur Tiraha Kand की 32वीं बरसी पर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर शहीद आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अलग राज्य के लिए जिन लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सीएम ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को ऐसा उत्तराखंड सौंपना सरकार की जिम्मेदारी है, जो विकास के साथ-साथ सुरक्षित और सशक्त भी हो। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की आशाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।
रामपुर तिराहा कांड क्यों है महत्वपूर्ण?
Rampur Tiraha Kand उत्तराखंड के राज्य आंदोलन की स्मृति में आज भी एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में दर्ज है। इसकी बरसी हर वर्ष शहीद आंदोलनकारियों को याद करने और उनके बलिदान को सम्मान देने का अवसर बनती है।
32वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि के साथ शहीदों की स्मृति को आगे बढ़ाने से जुड़े कार्य भी किए गए। मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना ही उनके प्रति वास्तविक सम्मान होगा।







