देहरादून | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पॉश इलाके ‘जज कॉलोनी’ (राजपुर रोड) में बीती रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मामूली बात पर हुई बहस ने हिंसक मोड़ ले लिया। एक 41 वर्षीय व्यवसायी ने अपने ऊपर के फ्लोर पर रहने वाले विधि (Law) के छात्रों को डराने के लिए अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सरेराह हवाई फायरिंग कर दी। इस घटना से पूरी कॉलोनी में दहशत का माहौल है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी व्यवसायी को हिरासत में ले लिया है और उसका हथियार जब्त कर लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है पूरा विवाद? (घटना का क्रम)
विवाद की शुरुआत एक दिन पहले हुई थी। जानकारी के अनुसार, जज कॉलोनी में किराए पर रहने वाले कुछ लॉ स्टूडेंट्स अपने फ्लैट की बालकनी में मौजूद थे। इस दौरान मुंडेर पर रखी एक खाली बीयर की बोतल गलती से नीचे के फ्लोर पर रहने वाले व्यवसायी विकास गुप्ता की बालकनी में गिर गई।
विकास ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और मामला पुलिस तक पहुँचाया। छात्रों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जाखन पुलिस चौकी में लिखित माफीनामा भी दिया था। उन्हें लगा कि विवाद सुलझ गया है, लेकिन अगली रात मंजर कुछ और ही था।
चाय पी रहे छात्रों पर दागी गोलियां
मंगलवार की रात करीब 10:50 बजे, जब छात्र अपने फ्लैट की बालकनी में खड़े होकर चाय पी रहे थे, तभी नीचे रहने वाले विकास गुप्ता का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा। छात्रों का आरोप है कि विकास ने अचानक गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते अपनी पिस्टल निकालकर हवाई फायर झोंक दिए।
फायरिंग की आवाज सुनकर पूरी कॉलोनी में चीख-पुकार मच गई। छात्रों ने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। जाखन चौकी प्रभारी और थानाध्यक्ष प्रदीप रावत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाले।
पुलिस की कार्रवाई: लोडेड पिस्टल और खोखा बरामद
पुलिस ने मौके से 41 साल के विकास गुप्ता को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 0.32 बोर की एक लोडेड पिस्टल बरामद हुई, जिसमें 6 जिंदा कारतूस मौजूद थे।
- बरामदगी: पुलिस को बालकनी से एक खाली खोखा भी मिला है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि वहां से गोली चलाई गई थी।
- आरोपी का तर्क: विकास गुप्ता ने अपनी सफाई में कहा कि छात्र रोज शोर-शराबा करते थे और उन्हें डराने के लिए उसने केवल हवाई फायरिंग की थी।
शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
थानाध्यक्ष प्रदीप रावत ने बताया कि आरोपी के पास बुलंदशहर से जारी शस्त्र लाइसेंस है, जो दिसंबर 2026 तक वैध है। हालांकि, लाइसेंसी हथियार का सार्वजनिक स्थान पर दुरुपयोग करना और दूसरों की जान जोखिम में डालना शस्त्र अधिनियम की शर्तों का सीधा उल्लंघन है।
पुलिस द्वारा की गई सख्त कार्रवाई: - आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।
- पुलिस ने आरोपी के लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
पॉश इलाके में सुरक्षा पर सवाल
जज कॉलोनी जैसे संवेदनशील इलाके में, जहाँ न्यायपालिका और प्रशासन के बड़े अधिकारी रहते हैं, वहां इस तरह की फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर हथियारों का प्रदर्शन करना एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है।
पीड़ित छात्र विनोद और उसके साथियों ने पुलिस को बताया कि वे डरे हुए हैं, क्योंकि माफी मांगने के बावजूद उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई।
निष्कर्ष
देहरादून पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन या दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना याद दिलाती है कि पड़ोसियों के बीच संवाद की कमी और छोटी बातों पर आक्रोश कैसे अपराध की शक्ल ले सकता है।
आर्टिकल के लिए मुख्य हेडलाइंस के विकल्प: - देहरादून गन कल्चर: बीयर की बोतल गिरने पर भड़का गुस्सा, जज कॉलोनी में कारोबारी ने की हवाई फायरिंग।
- ** मामूली विवाद और ‘Bullet’ का शोर: देहरादून की पॉश कॉलोनी में छात्रों को डराने के लिए दागी गोलियां।**
- लाइसेंसी पिस्टल का रसूख पड़ा भारी; देहरादून पुलिस ने फायरिंग करने वाले व्यवसायी को दबोचा, लाइसेंस होगा रद्द।






