दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में अंतरिम जमानत दे दी है, लेकिन यह राहत कुछ सख्त शर्तों के साथ दी गई। कोर्ट ने साफ कर दिया था कि तय समय सीमा के भीतर निर्धारित राशि जमा न करने पर सुनवाई दोबारा की जाएगी।
कोर्ट ने रखी 1.5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अभिनेता के वकील को निर्देश दिया कि वे दोपहर 3 बजे तक रेस्पोंडेंट के नाम 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करें। अदालत ने कहा कि यदि तय समय तक राशि जमा हो जाती है तो राजपाल यादव को अंतरिम बेल पर रिहा कर दिया जाएगा। अन्यथा मामले की अगली सुनवाई अगले दिन सुबह की जाएगी।
बाद में अदालत ने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में 2.5 करोड़ रुपये जमा किए जाने के बाद जमानत मंजूर की। जानकारी के अनुसार, राजपाल यादव ने पहले 75 लाख रुपये जमा किए थे और आज 1.75 करोड़ रुपये और जमा किए, जिससे कुल जमा राशि 2.5 करोड़ रुपये हो गई।
क्यों मांगी गई अंतरिम जमानत?
राजपाल यादव ने 19 फरवरी को अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि मामले में जवाब दाखिल कर दिया गया है, हालांकि वह अभी रिकॉर्ड में शामिल नहीं हुआ है। कोर्ट ने मामले को थोड़ी देर के लिए स्थगित कर दिया और बोर्ड की बैठक के अंत में दोबारा सुनवाई की बात कही।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें राजपाल यादव ने अपनी सजा के आदेश को चुनौती दी थी। शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील अवनीत सिंह सिक्का के अनुसार, अभिनेता ने सात चेक जारी किए थे, जिनमें से प्रत्येक की राशि 1.5 करोड़ रुपये थी। चेक बाउंस होने के बाद ट्रायल कोर्ट ने हर मामले में तीन महीने की सजा और प्रत्येक चेक पर 1.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी कहना है कि अभिनेता ने न तो जुर्माना अदा किया और न ही सजा को निलंबित कराने में सफलता पाई। इससे पहले हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया था। वर्ष 2024 में राजपाल यादव ने मीडिएशन के जरिए समझौते का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन कथित रूप से बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।
सरेंडर के बाद नई अर्जी
इसके बाद राजपाल यादव ने अदालत में सरेंडर कर दिया, अपना वकील बदला और पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की नई याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने उनकी रिहाई को तत्काल 1.5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त से जोड़ दिया और दोपहर 3 बजे तक अनुपालन करने का समय दिया।
निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्धारित तारीख पर जारी रहेगी।










