Patanjali Ayurveda Gurukulam Haridwar के रूप में भारतीय सनातन ज्ञान, वैदिक शिक्षा और प्राचीन चिकित्सा पद्धति की दिशा में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। विश्व आयुर्वेद दिवस के पावन अवसर पर उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित पतंजलि वेलनेस योगग्राम में देश के पहले ‘पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम’ का भव्य उद्घाटन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पतंजलि के संस्थापक योग गुरु स्वामी रामदेव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन बेहद शुभ और गौरवशाली है। उन्होंने इस पहल को भारतीय संस्कृति, योग और आयुर्वेद की महान विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक मील का पत्थर करार दिया।
Patanjali Ayurveda Gurukulam Haridwar: प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का अनूठा संगम
हरिद्वार में स्थापित यह नया गुरुकुल केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। Patanjali Ayurveda Gurukulam Haridwar भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) से संबद्ध है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ छात्रों को प्राचीन ऋषियों द्वारा रचित वैदिक साहित्य, संस्कृत और आयुर्वेद के ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान, तकनीक, गणित और अंग्रेजी की भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी।
संस्थान की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यहाँ कक्षा 4 से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट पठन-पाठन और आवासीय व्यवस्था की गई है। इस गुरुकुल का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी नई पीढ़ी को तैयार करना है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे और वैश्विक स्तर पर आधुनिक चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम हो।
Patanjali Ayurveda Gurukulam Haridwar: योग और आयुर्वेद को हर घर तक पहुँचाने का संकल्प
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वामी रामदेव और पतंजलि संस्थान ने जिस तरह योग और आयुर्वेद को विश्व पटल पर स्थापित कर हर घर तक पहुँचाया है, वह अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जिस जीवन पद्धति और प्राकृतिक चिकित्सा शैली को अपनाया था, उसे नई पीढ़ी के जीवन का हिस्सा बनाना समय की सबसे बड़ी मांग है।
सीएम धामी ने यह भी जोर दिया कि पतंजलि द्वारा शुरू किया गया यह गुरुकुल भारतीय ज्ञान परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Patanjali Ayurveda Gurukulam Haridwar: धन्वंतरि पूजन के साथ प्रदेश की समृद्धि की कामना
विश्व आयुर्वेद दिवस और धनतेरस के इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा-अर्चना और आरती भी की। उन्होंने भगवान धन्वंतरि से राज्यवासियों के निरोगी जीवन, सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक संपूर्ण कला और विज्ञान है। आज पूरी दुनिया एलोपैथी के दुष्प्रभावों को देखते हुए प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद की ओर लौट रही है, ऐसे में हरिद्वार का यह गुरुकुल पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बनेगा।
Patanjali Ayurveda Gurukulam Haridwar: उत्तराखंड को आयुर्वेदिक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
कार्यक्रम के दौरान योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि का लक्ष्य भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा को पुनर्जीवित करना है। इस संस्थान के माध्यम से बच्चों को न केवल बौद्धिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा, बल्कि उनका चरित्र निर्माण भी किया जाएगा।
हरिद्वार में इस तरह के आधुनिक गुरुकुल की स्थापना से उत्तराखंड को देश और दुनिया में एक बड़े आयुर्वेदिक और शैक्षणिक हब के रूप में नई पहचान मिलेगी। उद्घाटन कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, विद्वान, आचार्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु व छात्र उपस्थित रहे।
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