रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसके पास मौजूद परमाणु हथियार सुरक्षित हाथों में नहीं हैं और इन्हें इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की निगरानी में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत अब पाकिस्तान की एटमी धमकियों से डरने वाला नहीं है। पहलगाम आतंकी हमले और सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जा सकता है।
राजनाथ सिंह ने बादामी बाग छावनी में सेना के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में छिपे आतंकी संगठनों को साफ संदेश दिया है कि वे अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत पिछले कई दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है, लेकिन अब देश ने ठान लिया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जाएगा। उन्होंने सैनिकों के अदम्य साहस की सराहना की और कहा कि हमारी सेना का निशाना अचूक और असरदार है।
IAEA ने भारत के संयम की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान के किसी भी परमाणु केंद्र से अब तक कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ है। भारत ने पहले ही यह स्पष्ट किया है कि वह किसी भी परमाणु ठिकाने को निशाना नहीं बनाएगा। वहीं पाकिस्तान ने रक्षा मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे IAEA की भूमिका और अधिकारों के प्रति अज्ञानता करार दिया है।
रक्षा मंत्री ने याद दिलाया कि करीब दो दशक पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में आतंकवाद न फैलाने का वादा किया था, लेकिन उसने धोखा दिया। आज भी पाकिस्तान अपनी जमीन पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उसे भारी खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आतंकवाद यूं ही जारी रहा, तो पाकिस्तान को इसकी और भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। हाल ही में दोनों देशों के DGMO के बीच हुई बातचीत में यह सहमति बनी कि शत्रुता को रोकने के लिए विश्वास बहाली के उपाय जारी रखे जाएंगे।
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