अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड में स्वरोजगार को नई उड़ान: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 को मिली मंजूरी, 50 हजार से अधिक को मिलेगा रोजगार

On: May 17, 2025 6:37 AM
Follow Us:

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने स्वरोजगार, उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्त्वपूर्ण योजना को हरी झंडी दी गई। इस नई योजना के माध्यम से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यम परियोजना की धनराशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये तक कर दिया गया है। इसके अलावा विनिर्माण क्षेत्र में 25 लाख, सेवा और व्यापार क्षेत्र में 10 लाख तथा सूक्ष्म गतिविधियों में दो लाख रुपये तक की परियोजनाएं शामिल की जाएंगी। पहले से चल रही इकाइयों के विस्तार को भी योजना में शामिल किया गया है।

योजना में सामान्य वर्ग के लिए 90 प्रतिशत और अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों के लिए 95 प्रतिशत तक ऋण स्वीकृत किया जाएगा।

इसके अलावा जिला वर्गीकरण के आधार पर अलग-अलग मार्जिन मनी सहायता भी प्रदान की जाएगी:

  • श्रेणी A और B जिलों में:
    • दो लाख तक – 30% सहायता
    • दो से दस लाख तक – 25%
    • दस से 25 लाख तक – 20%
  • श्रेणी C और D जिलों में:
    • दो लाख तक – 25% सहायता
    • दो से दस लाख तक – 20%
    • दस से 25 लाख तक – सहायता जारी

साथ ही, भौगोलिक, सामाजिक और उत्पाद आधारित बूस्टर के रूप में 5% अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।


महिलाओं के लिए विशेष योजना: एकल महिला स्वरोजगार योजना

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत निराश्रित महिलाओं को दो लाख रुपये तक की परियोजना पर 75 प्रतिशत सब्सिडी देने का फैसला लिया है। इससे लगभग 2000 महिलाओं को लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।


पोल्ट्री विकास नीति से मिलेगा रोजगार

राज्य सरकार ने उत्तराखंड कुक्कुट विकास नीति-2025 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत पोल्ट्री आधारित इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे 1000 लोगों को प्रत्यक्ष और 3500 को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।


अन्य अहम फैसले

  • पुरानी पेंशन योजना का लाभ 1 अक्टूबर 2005 से पहले जारी भर्ती विज्ञप्ति के आवेदक कर्मचारियों को मिलेगा।
  • ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए मैकेंजी इंडिया की योजना को स्वीकृति।
  • ग्रीन सेस में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि, बाहरी व्यावसायिक वाहनों पर लागू।
  • वर्चुअल रजिस्ट्री को मंजूरी, अब स्टांप ड्यूटी ऑनलाइन जमा होगी और ईमेल से दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे।
  • स्ट्रीट चिल्ड्रन पॉलिसी को मंजूरी, सड़क पर रहने वाले बच्चों का पुनर्वास किया जाएगा।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0, एकल महिला योजना और कुक्कुट विकास नीति जैसे निर्णयों से स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार राज्य के युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इन योजनाओं के ज़रिए स्वरोजगार को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।

यह भी पढें- नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास: पहली बार 90 मीटर पार कर एशिया के तीसरे जेवलिन थ्रोअर बने, जर्मनी के वेबर रहे विजेता

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment