बढ़ते कोरोना मामलों के बीच देशभर में एक बार फिर से सतर्कता बढ़ा दी गई है। खासकर महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कोविड-19 के नए वेरिएंट JN.1 की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अलर्ट मोड में आ गई हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक मामले मुंबई से सामने आए हैं, जहां अकेले 35 नए केस दर्ज हुए हैं। वहीं, दिल्ली सरकार ने एडवाइजरी जारी करते हुए सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाएं और वैक्सीन स्टॉक तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। हर पॉजिटिव सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजा जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी संक्रमण के मामलों में धीरे-धीरे इजाफा देखा जा रहा है। राजधानी में अब तक 23 एक्टिव केस सामने आए हैं, जबकि गाजियाबाद में 4 और गुरुग्राम, फरीदाबाद में भी नए मामले दर्ज हुए हैं। दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है और स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं, सरकार पूरी तरह तैयार है। रोजाना की रिपोर्टिंग को अनिवार्य किया गया है और आठ वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष निगरानी टीम भी बनाई गई है।
दक्षिण भारत की बात करें तो केरल में मई महीने में अब तक 273 कोविड-19 केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने सभी जिलों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक में तो नौ महीने का एक बच्चा भी संक्रमित पाया गया है, हालांकि उसकी हालत स्थिर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में भी कुछ नए केस सामने आए हैं, लेकिन ज़्यादातर मरीज घर पर ही उपचार कर रहे हैं।
हालांकि, राहत की बात यह है कि विशेषज्ञों के मुताबिक JN.1 वेरिएंट गंभीर नहीं है और इसके लक्षण भी हल्के हैं। फिर भी, सावधानी और सतर्कता ज़रूरी है। लोगों से अपील की जा रही है कि मास्क पहनें, सामाजिक दूरी बनाए रखें और अगर किसी में लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं। सरकारें और स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी में हैं, लेकिन एक ज़िम्मेदार नागरिक के तौर पर सभी का सहयोग ज़रूरी है ताकि हम फिर से इस महामारी को काबू में ला सकें।
यह भी पढ़ें : हेमकुंड साहिब यात्रा का शुभारंभ: श्रद्धा और उल्लास का संगम











