नागपुर, महाराष्ट्र।
त्योहार खुशियों और अपनों के साथ प्रेम बांटने का जरिया होते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के नागपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। कोराडी क्षेत्र में होली के जश्न के बीच एक दादी की सनक ने उसके ही 4 वर्षीय पोते के जीवन को संकट में डाल दिया। महज शरीर पर रंग पड़ जाने की छोटी सी बात पर दादी ने मासूम बच्चे पर खौलता हुआ पानी उड़ेल दिया, जिससे बच्चा 45% तक झुलस गया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना नागपुर के कोराडी जिले के आरामशिन क्षेत्र (वार्ड नंबर 2) की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 मार्च को पूरा देश होली के उत्साह में डूबा था। घर के बाहर 4 वर्षीय मासूम ‘ओम’ अपनी पिचकारी और रंग भरी बोतलों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते मासूम ने अपनी दादी, सिंधु ठाकरे, पर अनजाने में रंग छिड़क दिया।
उस समय सिंधु ठाकरे पास ही जल रही होली की लकड़ियों पर गर्म पानी से भरी बाल्टी लेकर खड़ी थीं। पोते द्वारा रंग डाले जाने से दादी इस कदर आगबबूला हो गईं कि उन्होंने अपना आपा खो दिया। बिना सोचे-समझे उन्होंने बाल्टी में भरा खौलता हुआ पानी अपने ही पोते पर फेंक दिया।
CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात
यह पूरी हृदय विदारक घटना पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही गर्म पानी बच्चे के शरीर पर गिरता है, वह दर्द से चीखने लगता है और बदहवास होकर भागता है। बच्चे की चीख सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। वीडियो में एक अन्य महिला भी नजर आ रही है जो तुरंत ठंडा पानी लेकर आती है और बच्चे के शरीर पर डालती है ताकि जलन को कम किया जा सके।
बच्चे की हालत नाजुक, 45% झुलसा शरीर
गर्म पानी की चपेट में आने से मासूम ओम बुरी तरह झुलस गया है। उसे तत्काल नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का शरीर 45 प्रतिशत तक जल चुका है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मासूम का इलाज जारी है, लेकिन इतने छोटे बच्चे के लिए इतनी गहरी चोट और मानसिक सदमा असहनीय है।
पुलिस की कार्रवाई और सामाजिक आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नागपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी महिला सिंधु ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज को मुख्य साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।
स्थानीय लोगों और नेटिजन्स का कहना है कि यह केवल गुस्से का मामला नहीं है, बल्कि एक अपराधी मानसिकता को दर्शाता है। एक चार साल का बच्चा, जो अभी जीवन के रंगों को समझना शुरू ही कर रहा था, उसे अपनी ही दादी की क्रूरता का शिकार होना पड़ा।
आधुनिक समाज और बढ़ती असहिष्णुता
यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से पर नियंत्रण की कमी का एक भयावह उदाहरण है। होली जैसे त्योहार पर, जहाँ ‘बुरा न मानो होली है’ का नारा दिया जाता है, वहाँ एक दादी का अपने पोते के प्रति ऐसा व्यवहार मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक ढांचों के बिखरने की ओर इशारा करता है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अगले 48 घंटे बच्चे के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पूरा शहर मासूम ओम के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: कोराडी, नागपुर (महाराष्ट्र)
- आरोपी: सिंधु ठाकरे (दादी)
- पीड़ित: ओम (4 वर्षीय पोता)
- कारण: बच्चे द्वारा दादी पर गलती से रंग डालना।
- कानूनी स्थिति: पुलिस केस दर्ज, जांच जारी।







