देहरादून के चर्चित बिल्डर शाश्वत गर्ग की रहस्यमयी गुमशुदगी का मामला लगातार उलझता जा रहा है। करीब डेढ़ महीने से बिल्डर अपनी पत्नी और परिवार के साथ लापता है और अब मामला दो राज्यों की पुलिस की अलग-अलग जांच के कारण और पेचीदा हो गया है।
हापुड़ पुलिस जहां उनकी गुमशुदगी की जांच कर रही है, वहीं देहरादून पुलिस उन पर दर्ज धोखाधड़ी और फर्जी रजिस्ट्री के मामले की विवेचना में जुटी है। दोनों एजेंसियों की जांच अलग-अलग दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसके चलते यह पूरा प्रकरण एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता दिखाई दे रहा है।
विदेश भागने की आशंका मजबूत
जांच में कई ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे अंदेशा जताया गया है कि शाश्वत गर्ग अपनी पत्नी साक्षी के साथ देश छोड़कर विदेश में छिपा बैठा हो सकता है। अगर जांच इसी दिशा में आगे बढ़ती है तो उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
गर्ग और उसके परिवार की कार हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी के पास पार्किंग में खड़ी मिली, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला है।
गुमशुदगी के पीछे देनदारियों का दबाव भी?
गर्ग के ससुराल पक्ष द्वारा हापुड़ में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने फोन रिकॉर्ड खंगाले। इसमें पता चला कि गायब होने वाले दिन उसकी कई लोगों से बातचीत हुई थी, जिनमें से एक व्यक्ति ने बताया कि शाश्वत उससे कई करोड़ रुपये उधार लिए हुए थे।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस यह भी मानकर चल रही है कि भारी देनदारियों और आर्थिक संकट से बचने के लिए वह खुद ही सुनियोजित तरीके से लापता हो सकता है।
एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचने का आरोप
देहरादून में दर्ज एफआईआर में शाश्वत गर्ग पर बड़ा आरोप यह है कि उसने राजपुर रोड स्थित अपने प्रोजेक्ट के 23 फ्लैट एक से अधिक खरीदारों को बेच दिए।
परियोजना में कुल 121 फ्लैट बनाए जा रहे थे, जिनमें से 98 की रजिस्ट्री हो चुकी है। लेकिन ये 23 फ्लैट अलग से रखकर कई बार रजिस्टर्ड किए जाने का शक है। इससे पुलिस का संदेह और गहरा गया है कि यह धोखाधड़ी पहले से योजना बनाकर की गई हो।
ससुराल पक्ष भी फंसा, पूरी फैमिली पर FIR
मामले में आरोपी बनाए गए नाम—
• शाश्वत गर्ग (बिल्डर)
• साक्षी गर्ग (पत्नी)
• प्रवीण गर्ग (पिता)
• अंजली गर्ग (मां)
• सुलभ गोयल (साला)
• कुशाल गोयल (साला)
देहरादून पुलिस अब इन सभी से पूछताछ की तैयारी कर रही है और जल्द ही नोटिस भेजे जा सकते हैं।
रेरा की कार्रवाई, प्रोजेक्ट पर रोक
गर्ग के गायब होने के बाद रेरा भी सक्रिय हो गया। कई खरीदारों की शिकायत मिलने पर रेरा ने थानो गांव स्थित प्लॉटिंग प्रोजेक्ट पर तत्काल रोक लगा दी।
राजपुर क्षेत्र में उसका एक और आवासीय प्रोजेक्ट चल रहा था, जिसकी भी दस्तावेज़ी जांच जारी है।
वहीं खरीदार लगातार पुलिस को प्रोजेक्ट से जुड़े कागज़ जमा करा रहे हैं ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।
एसएसपी का बयान
एसएसपी देहरादून अजय सिंह के अनुसार:
• गुमशुदगी की सूचना शुरू में हापुड़ पुलिस को दी गई थी।
• देहरादून में दर्ज धोखाधड़ी मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
• सभी दस्तावेजों का संकलन कर विवेचना अधिकारी को हर पहलू की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून में बिल्डर की रहस्यमयी गुमशुदगी: दो राज्यों की पुलिस आमने-सामने, विदेश भागने की आशंका तेज
On: November 24, 2025 12:05 PM







