Lalkuan Haldwani Bypass Project को केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद कुमाऊं क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलने वाला है। राष्ट्रीय राजमार्ग-109 (NH-109) पर आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और हाल ही में गोरापड़ाव में हुई दुखद सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया है।
इस महत्वपूर्ण योजना के तहत न केवल Lalkuan Haldwani Bypass Project का निर्माण किया जाएगा, बल्कि गोरापड़ाव और तीनपानी जैसे अत्यधिक व्यस्त व दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों में लगभग ₹50 करोड़ की लागत से आधुनिक फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाएंगे।
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Lalkuan Haldwani Bypass Project से जाम और हादसों पर लगेगा स्थायी अंकुश
राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर स्थित गोरापड़ाव ओवरब्रिज पर शुक्रवार को हुए एक भीषण हादसे में तीन छात्रों की असमय मौत और एक छात्रा के गंभीर रूप से घायल होने की दुखद घटना ने हाईवे पर पुख्ता सड़क सुरक्षा की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया था। इस क्षेत्र में लंबे समय से ओवरस्पीडिंग और सुरक्षा ढांचों की कमी के कारण दुर्घटनाएं दर्ज की जा रही थीं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए और ट्रैफिक दबाव को व्यवस्थित करने के लिए एनएच-109 पर गोरापड़ाव और तीनपानी क्षेत्र में बड़े ढांचागत सुधारों को स्वीकृत किया गया है:
- गोरापड़ाव फ्लाईओवर: गोरापड़ाव क्षेत्र में लगभग ₹16.59 करोड़ की लागत से 176 मीटर लंबा चार लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
- तीनपानी अंडरपास: वाहनों की आसान आवाजाही और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए तीनपानी में चार लेन का लाइट व्हीकुलर अंडरपास (LVUP) प्रस्तावित है।
- सुरक्षित यातायात: इन दोनों निर्माण कार्यों के पूरा होने से गलत दिशा (Wrong Side) में वाहन चलाने की मजबूरी खत्म होगी और स्थानीय नागरिकों को हाईवे पार करने के लिए एक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा।
Lalkuan Haldwani Bypass Project की मुख्य विशेषताएं और विस्तृत रूट मैप
लालकुआं शहर को ट्रैफिक के भारी दबाव से मुक्त करने के उद्देश्य से तैयार की गई Lalkuan Haldwani Bypass Project की कुल लंबाई 7.2 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 5.277 किलोमीटर का बिल्कुल नया 4-लेन मार्ग तैयार किया जाएगा।
[नगला बाईपास / टांडा क्षेत्र] ──(600मी संरेखण सुधार)──> [4-लेन बाईपास मार्ग: 5.277 किमी] ──> [हल्द्वानी/काठगोदाम कनेक्शन]
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[3 छोटे पुल + 2 रेलवे ओवरब्रिज] [4 वाहन अंडरपास (VUP)]
परियोजना का ढांचा और प्रमुख निर्माण:
- पुलों का निर्माण: इस बाईपास में तीन छोटे पुलों के साथ-साथ रुद्रपुर और काशीपुर रेल लाइनों के ऊपर से गुजरने वाले 2 चार-लेन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) शामिल हैं।
- वाहनों के लिए अंडरपास: स्थानीय कस्बों और संपर्क मार्गों के सुगम संयोजन के लिए कुल 4 वाहन अंडरपास (Vehicle Underpass) बनाए जाएंगे।
- अत्यधिक तीखे मोड़ को सीधा करना: नगला बाईपास के समीप टांडा वन क्षेत्र में लगभग 600 मीटर सड़क का संरेखण (Alignment) बदला जाएगा, ताकि 90-डिग्री के खतरनाक और तीखे मोड़ को सीधा किया जा सके।
भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और Lalkuan Haldwani Bypass Project का नया संरेखण
इस बाईपास परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए कुल 31.40 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें से लगभग 23.5 हेक्टेयर हिस्सा वन भूमि क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
- आवश्यक अनुमतियां: सड़क की चौड़ाई 45 मीटर प्रस्तावित की गई है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा वन विभाग, रेलवे और वन्यजीव प्राधिकरण से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- पंतनगर एयरपोर्ट से जुड़ाव: परियोजना के तहत पंतनगर हवाई अड्डे के आसपास मार्ग में आवश्यक संशोधनों और विकल्पों की संभावना भी जांची जा रही है ताकि भविष्य में हवाई यात्रियों को भी सुगम संपर्क मार्ग मिल सके।
हल्द्वानी-काठगोदाम 4-लेन मार्ग से कुमाऊं के पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई गति
Lalkuan Haldwani Bypass Project के साथ ही केंद्र सरकार ने हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास को भी मंजूरी दे दी है। इस 8.4 किलोमीटर लंबे मार्ग के तहत मौजूदा सड़क को चार लेन किया जाएगा और गौला नदी पर 2-लेन का एक नया प्रमुख पुल निर्मित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त लगभग 1.4 किलोमीटर लंबे हिस्से के संरेखण में सुधार किया जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा के अनुसार:
”लालकुआं बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पूरी तरह तैयार हो चुकी है। हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से लेकर काठगोदाम गौला पुल तक सड़क को चार लेन में तब्दील किया जाएगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को दैनिक जाम से राहत मिलेगी, बल्कि नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जाने वाले पर्यटकों की यात्रा भी बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।”
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