कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र के काशीरामपुर तल्ला और गाड़ीघाट में खोह नदी के तट पर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी झोपड़ियों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। बुधवार को तहसील प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से करीब पांच झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान झोपड़ियों में रह रहे लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे उनकी एक न चली।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में आई बाढ़ के दौरान खोह नदी के उफान से काशीरामपुर तल्ला और गाड़ीघाट क्षेत्र में कई घर नदी में समा गए थे। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा दीवार का निर्माण कराकर आसपास की सरकारी भूमि को खाली करवा दिया था। लेकिन कुछ समय बाद फिर से कुछ लोगों ने दीवार के समीप अवैध रूप से झोपड़ियां खड़ी कर दीं।
बीते सप्ताह प्रशासन ने स्टेडियम के पास एक निर्माणाधीन झोपड़ी को हटवाया था और साथ ही अन्य अवैध निवासियों को अपनी झोपड़ियां खाली करने के निर्देश दिए थे। चेतावनी के बावजूद झोपड़ियां नहीं हटाई गईं, जिसके बाद बुधवार को तहसीलदार साक्षी उपाध्याय के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई से पहले झोपड़ियों में रह रहे लोगों को अपना सामान हटाने के लिए लगभग आधे घंटे का समय दिया गया। सामान हटाए जाने के बाद जेसीबी की मदद से सभी झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया। तहसीलदार साक्षी उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद सरकारी भूमि से कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके चलते यह कार्रवाई करनी पड़ी। काशीरामपुर तल्ला के बाद गाड़ीघाट क्षेत्र में भी झोपड़ियों को हटाया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में संदेश गया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





