खटीमा (ऊधम सिंह नगर)।
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के भूड़ महोलिया गांव में एक 29 वर्षीय युवक ने मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया। युवक ने घर के टॉयलेट में जाकर ब्लेड से अपना गला काट लिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को भूड़ महोलिया निवासी 29 वर्षीय दीपक सिंह पुत्र बहादुर सिंह अपने घर पर मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, दीपक पिछले कुछ दिनों से काफी गंभीर मानसिक तनाव (Mental Stress) से गुजर रहा था। सोमवार को अचानक वह घर के अंदर बने टॉयलेट में गया और वहां रखे एक धारदार ब्लेड से अपने गले पर वार कर दिया।
ब्लेड से गला कटते ही खून की फुहारें फूट पड़ीं। अत्यधिक दर्द और खून बहने के कारण दीपक चिल्लाता हुआ टॉयलेट से बाहर निकला और आंगन के फर्श पर गिरकर तड़पने लगा। घर के भीतर अचानक हुए इस शोर और खून से लथपथ दीपक को देख परिजनों के होश उड़ गए।
भाई ने बचाने की कोशिश की, पर नाकाम रहा
दीपक को तड़पता देख उसका बड़ा भाई कमल तुरंत उसकी ओर दौड़ा। उसने साहस दिखाते हुए दीपक के गले से बह रहे खून को रोकने के लिए कपड़े से घाव को दबाने का प्रयास किया, लेकिन घाव इतना गहरा था कि खून नहीं रुका। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। आनन-फानन में इस घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम (112) और एंबुलेंस (108) को दी गई।
छत से कूदने की भी की थी कोशिश
परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दीपक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह सुबह से ही काफी बेचैन दिख रहा था। आत्महत्या के इस आत्मघाती कदम से कुछ घंटे पहले ही उसने घर की छत से कूदकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन उस वक्त परिजनों ने उसे देख लिया और समझा-बुझाकर नीचे उतार लिया था। परिजनों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि छत से कूदने में नाकाम रहने के बाद वह ऐसा खौफनाक रास्ता चुनेगा।
पुलिस और एफएसएल टीम की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाल विजेंद्र शाह, उपनिरीक्षक (SI) किशोर पंत और भूपेंद्र रंसवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। 108 एंबुलेंस के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अत्यधिक रक्तस्राव के कारण दीपक की मौत हो चुकी थी।
मामले की संवेदनशीलता और आत्महत्या के तरीके को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया और एफएसएल (FSL – विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को जांच के लिए बुलाया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मानसिक स्वास्थ्य: एक गंभीर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर समाज में मानसिक स्वास्थ्य और अवसाद (Depression) जैसे मुद्दों पर चर्चा छेड़ दी है। खटीमा पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि परिवार का कोई सदस्य असामान्य व्यवहार करे या तनाव में दिखे, तो उसे अकेला न छोड़ें और पेशेवर परामर्श (Counseling) की मदद लें।
पुलिस का बयान:
“प्रथम दृष्टया यह मामला मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की जांच के बाद ही मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि हो पाएगी। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।”
— विजेंद्र शाह, कोतवाल, खटीमाइस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
डिस्क्लेमर: यदि आप या आपके जानने वाला कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा है, तो कृपया मदद मांगें। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर (KIRAN) 1800-599-0019 पर संपर्क करें।
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